Alwar Cyber Fraud News: राज्य में साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामले प्रशासन और पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं. उनके नए-नए तरीके सभी को हैरान कर रहे हैं. हाल ही में, प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला अलवर का है, जिसने सरकारी अधिकारियों को हैरान कर दिया है. इस मामले में, साइबर फ्रॉड करने वालों ने जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला के नाम पर मोटी रकम की मांगी की है.
कलेक्टर की फोटो इस्तेमाल कर मांगी राशि
साइबर जालसाजों ने कलेक्टर की फोटो का इस्तेमाल करके ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को WhatsApp मैसेज भेजकर बड़ी रकम की मांग की. जब अधिकारियों को शक हुआ, तो उन्होंने मामले की जानकारी बड़े अधिकारियों को दी.इसके बाद धोखाधड़ी की इस नई तरकीब का पता चला. ठगों ने फर्जी विदेशी नंबर से अलवर में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से ठगी के प्रयास किए है. जिसमें परिवहन विभाग में डीटीओ, आरटीओ सहित कई अधिकारियों के पास मैसेज भेजे गए थे.
वियतनाम के WhatsApp नंबर से अधिकारियों कर रहे है कॉल
इस बारे में साइबर थाना पुलिस ने जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने सबसे पहले WhatsApp पर आए नंबरों की जानकारी मांगी है. इसके बाद शुरुआती जांच में पता चला है कि पैसे मांगने वाला फर्जी नंबर वियतनाम का है. जालसाज इन नंबरों के जरिए धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं.
पहले मैसेज फिर लंबी बातों में करते है फंसाने की कोशिश
पुलिस ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जिस WhatsApp नंबर से मैसेज आया था, उस पर कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला की फोटो और उनका नाम लिखा था. मैसेज पर पहले हालचाल पूछकर बातचीत शुरू हुई और उसके बाद लाखों रुपये की ठगी करने की कोशिश की गई. इस दौरान जब ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जानकारी दी. फिलहाल, DTO सविता भारद्वाज ने इस बारे में साइबर थाने में शिकायत दी है. पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
FIR दर्ज कर जांच की शुरू
मामले की जांच DSP SP अंगद शर्मा को दी गई है. उन्होंने बताया कि शिकायत मिलते ही FIR दर्ज करने के साथ जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती जांच में पता चला है कि वियतनाम के नंबरों से WhatsApp पर कलेक्टर के नाम से फर्जी मैसेज भेजकर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को ठगने की कोशिश की गई थी. इस संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन ने फिलहाल WhatsApp मेल पर कुछ संबंधित नंबरों की जरूरी जानकारी मांगी है. जानकारी मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पुलिस ने आम लोगों और सरकारी अधिकारियों को सावधान रहने की सलाह दी है.
यह भी पढ़ें; RSSB की चूक ने बढ़ा दी 24 लाख अभ्यर्थियों की धड़कनें, रिजल्ट के बाद बदल दिया इस सवाल का जवाब