VIDEO: अलवर में घोड़े, ऊंट, हाथी और डीजे के साथ निकली अनोखी शवयात्रा, नाचते-गाते श्मशान घाट पहुंचे हजारों लोग

Rajasthan News: अलवर शहर में एक अनोखी शवयात्रा निकाली गई. इस शवयात्रा में हजारों लोग हाथी, घोड़े, ऊंट, डीजे और बैंड-बाजे के साथ श्मशान घाट पहुंचे.

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बैंड-बाजे के साथ नाचते हुए हजारों लोग

Alwar Viral Video: राजस्थान के अलवर शहर में बुधवार को निकाली गई एक अनोखी शवयात्रा पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है. यह शवयात्रा किसी शादी की बारात की तरह निकाली गई. इसमें  समाज के हजारों लोग नाचते गाते शवयात्रा में शामिल हुए. शहर में जहां-जहां से यह शवयात्रा गुजरी, इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

पालकी को गुब्बारों और फूलों से गया था सजाया 

इस अनूठी शवयात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें सबसे आगे बैण्ड, उसके बाद डीजे, फिर नाचती हुई घोड़ी, हाथी और अंत में मृतक रिछपाल गडरिया लोहार पालकी में बैठे नजर आए. उनकी पालकी पर पीछे से फूल बरसाए जा रहे थे. साथ ही पालकी को गुब्बारों और फूलों से सजाया हुआ था. ऐसी शवयात्रा को देखकर शहर के लोग काफी चौंक गए थे. 

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  नाचते-गाते और गुलाल उड़ाते पहुंचे शमशान घाट

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह शवयात्रा शहर के अग्रसेन सर्किल के पास अलवरिया लुहार के सरपंच एवं प्रधान रिछपाल गडरिया लुहार (90) की थी. यहां उनके परिजन और समाज के लोग गम में डूबने की बजाय नाचते-गाते, भजन और डीजे की धुनों पर  गुलाल उड़ाते हुए उनकी शवयात्रा में चले. इस जुलूस में वे हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ तीज के श्मशान घाट पहुंचे. 

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कई वर्षों से लोहार सामजा में धूमधाम से निकाली जाती है शव यात्रा 

 इस अनोखी शवयात्रा को लेकर परिवार के लोगों ने बताया कि मृतक रिचपाल गड़रिया लुहार राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में रहने वाले अलवरिया गड़रिया लोहारों के पंच, सरपंच और प्रधान थे. उन्होंने अपने समाज के लिए बहुत अच्छे काम किए थे. इसलिए उनका अंतिम संस्कार तीज श्मशान घाट पर किया गया. साथ ही आगे यह भी बताया कि धूमधाम से ऐसे शव यात्रा निकालने की प्रथा कई सालों से उनके  समाज का हिस्सा रही है, इसलिए वह इस परंपरा को निभाते हुए इस तरह की शव यात्रा निकालते हैं. उनकी शव यात्रा में शामिल होने के लिए दिल्ली गुड़गांव हरियाणा राजस्थान व उत्तरप्रदेश  से लोग आए हैं. 

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