पाकिस्तान के होश उड़ाएगी भारत की 'आसमानी तोप', राजस्थान बॉर्डर से PAK के ठिकानों पर होगा टारगेट

अपाचे की तैनाती के साथ यह स्पष्ट है कि भारत न सिर्फ जमीन, बल्कि आसमान से भी पश्चिमी सीमा की चौकसी और हमले की तैयारी दोनों स्तर पर तैयार है. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Apache Helicopters: राजस्थान में पश्चिमी मोर्चे पर अपाचे AH-64E गार्जियन अटैक हेलिकॉप्टर को तैनात कर दिया गया है. इस तैनाती के साथ भारत की पश्चिमी सरहद और ज्यादा मजबूत हो गई है. अपाचे हेलिकॉप्टर की मदद से पाकिस्तान के अग्रिम ठिकानों पर पैनी निगरानी और ज़रूरत पड़ने पर पिन-पॉइंट स्ट्राइक आसानी से की जा सकेगी. इन अपाचे हेलिकॉर्टर की तैनाती तैनाती जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर की रणनीतिक चौकियों पर की जा रही है. इसकी रेंज में पाकिस्तान के रहीमयार खान, सादिकाबाद, बहावलपुर, चोलिस्तान, मरोट, फोर्ट अब्बास, इस्लामगढ़ फोर्ट जैसे कई सैन्य हैं. 

पाक चौकियां पर सीधी निगरानी

राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में अपाचे हेलिकॉप्टर की तैनाती इस लिहाज से भी काफी अहम हो जाती है, क्योंकि पश्चिमी सरहद से पाकिस्तान लगातार ड्रोन के जरिए स्मगलिंग और घुसपैठ की कोशिश करता रहा है. श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ से लेकर बाड़मेर-मुनाबाव तक सीमावर्ती इलाकों में मौजूद पाक चौकियां भी अब सीधे अपाचे की निगरानी में रहेंगी.

Advertisement

आसमानी तोप से कम नहीं अपाचे

अगर अपाचे की तकनीकी ताकत की बात करें तो किसी आसमानी तोप से कम नहीं है. यह एक मिनट में 625 राउंड फायरिंग करने में सक्षम है. इसकी Hellfire मिसाइलें दुश्मन के टैंक, बंकर, रडार, ट्रकों को सटीकता से नष्ट कर सकती हैं. ड्यूल डिजिटल कॉकपिट, जिससे दोनों पायलट ऑपरेशन चला सकते हैं. रडार-डोम सिस्टम, जो बिना देखे टारगेट डिटेक्ट और अटैक करने में सक्षम है.

अपाचे की रेंज में पाक के कई ठिकाने

ड्रोन नेटवर्किंग क्षमता, जो UAV के जरिए लक्ष्य की पहचान कर हमला कर सकता है. 30 फीट ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम, जिससे यह दुश्मन के रडार की पकड़ में नहीं आता. बाड़मेर के मुनाबाव के पास पाकिस्तान का जीरो प्वाइंट खोखरापार, जैसलमेर से सटे मरोट, लोंगेवाला, इस्लामगढ़, शाहगढ़, बीकानेर से बहावलपुर और फोर्ट अब्बास, श्रीगंगानगर से चक 95/EB, भोजेवाली, मचका जैसे ठिकाने अब अपाचे की फ्लाइंग रेंज में हैं.

राडार, ड्रोन सेंसर, इंफ्रारेड स्कैन और पाकिस्तान की फॉरवर्ड पोस्टिंग अब अपाचे की जद में होंगी. ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब अपाचे की तैनाती के साथ यह स्पष्ट है कि भारत न सिर्फ जमीन, बल्कि आसमान से भी पश्चिमी सीमा की चौकसी और हमले की तैयारी दोनों स्तर पर तैयार है. 

यह भी पढे़ं- 

जोधपुर एयरपोर्ट पर हवाई हमले की निगरानी का परीक्षण, काउंटर-ड्रोन का रनवे के पास किया गया इस्तेमाल

भारतीय सेना की एक और बड़ी कामयाबी, पोकरण फायरिंग रेंज में स्वदेशी 155 मिमी आर्टिलरी गोला-बारूद का सफल परीक्षण

Advertisement