असम के जोरहाट में हुए वायु सेना के विमान हादसे (IAF Plane Crash) में राजस्थान के डीडवाना निवासी अग्निवीर शहीद हो गया है. जानकारी के मुताबिक, डीडवाना-कुचामन जिले के पांचोता गांव निवासी अग्निवीर खेमाराम कुमावत की वायु सेना के प्लेन क्रैश हादसे में जान गई है. हादसे में खेमाराम समेत वायु सेना के 5 जवानों की मौत हुई है. इधर जैसी ही पांचोता गांव में खेमाराम के परिवार वालों को उनके शहीद होने की सूचना मिली तो घर समेत पूरे इलाके में शोक छा गया. शहीद खेमाराम कुमावत के परिजन लगातार वायु सेना के अधिकारियों के संपर्क में हैं.
कुछ समय बाद खत्म होने वाला था कार्यकाल
जानकारी के मुताबिक, 25 वर्षीय खेमाराम कुमावत दिसंबर 2022 में अग्निवीर बने थे. कुछ समय बाद उनका अग्निवीर का कार्यकाल खत्म होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया. उनके पिता रामदेव कुमावत कलाली नदी पांचोता गांव में किसान परिवार से हैं. उनके माता-पिता बुजुर्ग हैं. शहीद अग्निवीर का एक भाई राजेंद्र इंजीनियर है, जबकि गोविंद CISF जवान और मनोज राजस्थान पुलिस में तैनात है.
खेमाराम के ममेरे भाई महेश कुमावत का कहना है कि खेमाराम की जल्द ही शादी होने वाली थी. इसके चलते घर पर उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी. खेमाराम कुमावत की अभी असम के जोरहाट में पोस्टिंग थी.

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वायु सेना के 2 अधिकारी भी शहीद
इसी बीच शनिवार की सुबह ही जोरहाट में रूसी मूल के एएन-32 परिवहन विमान क्रैश हो गया. जिसमें भारतीय वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई, जिनमें दो अधिकारी शामिल हैं. एयरफोर्स के अनुसार, यह विमान हादसा सुबह लगभग 10 बजे हुआ. भारतीय वायुसेना ने एक बयान में कहा, "आज सुबह लगभग 10 बजे असम के जोरहाट में एक रूटीन उड़ान के दौरान आईएएफ के एएन-32 विमान का एक्सीडेंट हो गया."
वहीं, एक अन्य पोस्ट में IAF ने बताया कि जोरहाट में एएन-32 विमान हादसे में वायु सेना ने पांच कर्मियों को खो दिया. इस विमान हादसे में जान गंवाने वालों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम का नाम शामिल है.
पहले ही हादसे का शिकार हुआ IAF का यह विमान
वायु सेना का जो विमान क्रैश हुआ. वह सोवियत मूल का एएन-32 एक ट्विन-इंजन सामरिक परिवहन विमान है. इसका इस्तेमाल भारतीय वायु सेना दशकों से कर रही है. यह विमान पहले भी हादसे का शिकार हो चुका है. जून 2019 में जोरहाट वायुसेना स्टेशन से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के लिए उड़ान भरने के बाद आईएएफ का एक एएन-32 विमान लापता हो गया था. बाद में सर्च ऑपरेशन के बाद प्लेन का मलबा अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में मिला और उसमें सवार वायु सेना के सभी 13 कर्मियों को मृत घोषित कर दिया गया था.
वहीं जुलाई 2016 में, चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा एक अन्य एएन-32 विमान बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था. विमान में 29 लोग सवार थे. भारत के सबसे बड़े खोज अभियानों में से एक चलाए जाने के बावजूद विमान कई वर्षों तक नहीं मिल सका और उसमें सवार सभी लोगों को मृत मान लिया गया. वर्ष 2024 में इस विमान से जुड़े मलबे की पहचान की गई.