राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही आज प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी. इसके बाद अनुदान की मांगों पर चर्चा होगी. प्रश्नकाल में उप-मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से संबंधित विभागों पर सवाल होंगे. इनमें उद्योग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, जनजाति क्षेत्रीय विकास, राजस्व, नगरीय विकास और ऊर्जा विभाग शामिल हैं.
ध्यान आकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा
- विधायक मोतीराम सिरोही जिले के छात्रावासों के लिए आवंटित भूमि निरस्त किए जाने के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित प्रस्ताव लाएंगे. इस पर राजस्व मंत्री से जवाब मांगा जाएगा.
- विधायक छोटू सिंह जैसलमेर जिले में सोलर परियोजना हेतु भूमि आवंटन से उत्पन्न पर्यावरणीय एवं सामाजिक समस्याओं पर ध्यान आकर्षित प्रस्ताव रखेंगे. राजस्व मंत्री इस पर जवाब देंगे.
- विधायक चंद्रभान सिंह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में रेत भराव और मलबा हटाने तथा आना सागर झील के चारों ओर जमी मिट्टी की डिसिल्टिंग के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित प्रस्ताव लाएंगे. इस पर नगरीय विकास राज्य मंत्री जवाब देंगे.
वार्षिक प्रतिवेदन सदन की मेज पर
नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा नौ वार्षिक प्रतिवेदन सदन की मेज पर रखेंगे. इनमें जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर विकास प्राधिकरण के वार्षिक प्रतिवेदन शामिल हैं. इसके साथ ही भू संपदा विनियामक प्राधिकरण और राजस्थान आवश्यक मंडल का वार्षिक प्रतिवेदन भी सदन में रखा जाएगा.
समिति प्रतिवेदनों का उपस्थापन
राजकीय उपक्रम समिति के सभापति कालीचरण सराफ समिति के प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत करेंगे. CAG की ओर से राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड, राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम लिमिटेड, राजस्थान राज्य बीज निगम एवं भंडारण व्यवस्था निगम लिमिटेड तथा तीनों डिस्कॉम से संबंधित प्रतिवेदन सदन में रखे जाएंगे.
सदन में आज लगेंगी याचिकाएं
विधायक संजीव कुमार भादरा के राजकीय महाविद्यालय को क्रमोन्नत करने की याचिका लगाएंगे. विधायक संदीप शर्मा कोटा दक्षिण में कैथूनीपोल चौराहे के सौंदर्यीकरण और यातायात सुगमता के लिए एलीवेटेड सड़क निर्माण की मांग को लेकर याचिका प्रस्तुत करेंगे.
विधायक हमीर सिंह भायल सिवाना मुख्यालय पर निष्क्रमणीय पशुपालक आवासीय विद्यालय खोलने तथा नगरपालिका सिवाना, समदड़ी और सिणधरी में दमकल वाहन उपलब्ध कराने की मांग उठाएंगे.
विधायक हाकम अली खां फतेहपुर (सीकर) स्थित रामगढ़ बाईपास निर्माण के संबंध में याचिका लगाएंगे. सदन में राजस्थान विक्षुब्ध क्षेत्रों में स्थावर संपत्ति के अंतरण का प्रतिषेध और परिसरों से किरायेदारों को बेदखली से संरक्षण के लिए उपबंध विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा. प्रभारी मंत्री विधेयक को सदन के पटल पर रखेंगे.
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