बारां के भंवरगढ़ कस्बे के रामजीलाल सहरिया पर बदमाशों ने हमला कर दिया था. उसके सिर में कुल्हाड़ी धंस गई थी. गंभीर रूप से घायल रामजीलाल को पहले भंवरगढ़, फिर बारां जिला अस्पताल और बाद में कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल रेफर किया गया. करीब 12 घंटे तक कुल्हाड़ी सिर में फंसी रही. कोटा मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने 3 घंटे तक चली जटिल सर्जरी के जरिए उसे बाहर निकाला गया.
सिर की हड्डी काटकर निकाली कुल्हाड़ी
न्यूरो सर्जन डॉ. एसएन गौतम ने बताया कि कुल्हाड़ी को सुरक्षित निकालने के लिए सिर की हड्डी काटनी पड़ी, और विशेष कटर मशीन का इस्तेमाल किया गया. ऑपरेशन के दौरान अधिक खून बहने, कम ब्लड प्रेशर और सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा. डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को लगातार रक्त चढ़ाया गया और उसकी सांस सामान्य बनाए रखने के लिए ट्रेकियोस्टोमी भी करनी पड़ी.
मरीज को ICU में रखा गया है
लंबे समय तक जंग लगी कुल्हाड़ी सिर में फंसी रहने के कारण संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है. फिलहाल मरीज ICU में है, और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. चिकित्सकों का कहना है कि अगले 4 से 5 दिन मरीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण होंगे.
राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई
मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घायल को समय पर उपचार और बेड उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे इलाज शुरू होने में देरी हुई. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ टीम ने तत्काल आवश्यक चिकित्सा और सर्जरी कर उसकी जान बचाने का हर संभव प्रयास किया. पुलिस हमलावर की तलाश में जुटी है. अज्ञात हमलावर ने रविवार की रात को रामजीलाल के सोते समय कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था, और कुल्हाड़ी उसके सिर में फंसी रह गई थी.
(अर्जुन अरविंंद की रिपोर्ट )
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