बालोतरा-बाड़मेर ज‍िले की सीमाओं में फेरबदल, देखें कौन सा ह‍िस्‍सा क‍िस ज‍िले में हुआ शाम‍िल

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 7 अगस्त 2023 को बालोतरा के नए जिले की अधिसूचना जारी हुई थी. अब इसके सीमाओं में बदलाव क‍िया गया है.

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फाइल फोटो.

राज्य सरकार ने एक बार फिर बालोतरा और बाड़मेर जिलों के पुनर्गठन में आंशिक संशोधन किया है. 31 दिसंबर को जारी आदेश की अधिसूचना शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें दोनों जिलों की प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव किया गया है. इस निर्णय के बाद कहीं खुशी का माहौल है, तो कहीं नाराजगी भी देखने को मिल रही है.

जानें क्या हुआ बदलाव

जिलों के पुनर्गठन के तहत गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंड को बालोतरा जिले में शामिल किया गया है, जबकि बायतू उपखंड को बाड़मेर जिले में शामिल किया गया है. बायतू उपखण्ड की 2 तहसील गिड़ा और पाटोदी को बालोतरा जिले में शामिल किया गया है.

बालोतरा जिले की नई प्रशासनिक संरचना संशोधन के बाद अब बालोतरा जिले में कुल 5 उपखंड, 9 तहसील और 5 उपतहसील होंगी.

उपखंड (5)

  1. बालोतरा
  2. सिणधरी
  3. सिवाना
  4. धोरीमन्ना
  5. गुड़ामालानी

तहसील (9)

  1. पचपदरा
  2. कल्याणपुर
  3. गिड़ा
  4. पाटोदी
  5. सिणधरी
  6. सिवाना
  7. समदड़ी
  8. धोरीमन्ना
  9. गुड़ामालानी

उपतहसील (5)

  1. जसोल
  2. दूदवा
  3. सवाऊ पदमसिंह
  4. हीरा की ढाणी
  5. पादरू

बाड़मेर जिले की नई प्रशासनिक संरचना

संशोधन के बाद बाड़मेर जिले में 7 उपखंड, 11 तहसील और 7 उपतहसील शामिल की गई हैं.

उपखंड (7):

  1. बाड़मेर
  2. गडरा रोड
  3. चौहटन
  4. रामसर
  5. बायतू
  6. सेड़वा
  7. शिव

तहसील (11)

  1. बाड़मेर
  2. बाड़मेर ग्रामीण
  3. बायतु
  4. नोखड़ा
  5. गडरा रोड
  6. चौहटन
  7. धनाऊ
  8. रामसर
  9. सेड़वा
  10. शिव
  11. बाटाडू 

उपतहसील (7)

  1. विशाला
  2. चवा
  3. मांगता
  4. हरसाणी
  5. लीलसर
  6. फागलिया
  7. भियाड़

जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस पुनर्गठन के बाद जहां बालोतरा जिले में शामिल किए गए क्षेत्रों में खुशी जताई जा रही है, कुछ इलाकों में जिला बदलने को लेकर असंतोष भी सामने आ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे प्रशासनिक सुविधाएं, दूरी और विकास कार्यों पर असर पड़ेगा. बायतू से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने एक्स अकॉउंट पर लिखा, "तुम इधर भेजो मुझे , तुम उधर भेजो मुझे, नक़्शों से खेल कर चाहे जिधर भेजो मुझे. मैं अपने लोगों के साथ खड़ा हूं चाहे किधर भेजो मुझे."

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आम लोगों का जीवन हो जाएगा कठिन 

पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "राज्य सरकार द्वारा जारी हालिया अधिसूचना में धोरिमन्ना उपखंड को बाड़मेर जिले से हटाकर बालोतरा जिले में शामिल करने का निर्णय, और गुड़ामालानी उपखंड के पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों के गांवों के साथ प्रशासनिक बदलाव किया गया. दोनों ही निर्णय जमीनी हकीकत भौगोलिक स्थिति और आमजन की मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह विपरीत है. ऐसे फैसले कागजों में भले ही प्रशासनिक सुधार प्रतीत हो, लेकिन व्यवहार में ये आम नागरिक के जीवन को और अधिक कठिन बनाने वाले हैं."

जिले से बाहर होने पर लोगों में रोष 

बालोतरा और बाड़मेर जिलों के इस पुनर्गठन ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को तेज कर दिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा. पचपदरा रिफाईनरी के साथ नए औद्योग‍िक अवसरों को देखते हुए जिले से जुड़ने वाले लोगों के चेहरों पर खुशी है, तो जिले से बाहर होने वालों में रोष भी है.

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