बांसवाड़ा: स्कूली बच्चों से भरी नाव पलटने की सूचना से हड़कंप, बाद में निकली आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल

राजस्थान में बांसवाड़ा के कागदी पिकअप बांध में नाव पलटने की सूचना से अफरा तफरी मच गई. प्रशासन तुरंत हरकत में आया. बाद में सामने आया कि यह आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल थी.

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बांसवाड़ा के कागदी पिकअप बांध में नाव पलटने की सूचना से अफरा तफरी मच गई.

Rajasthan News: राजस्थान के बांसवाड़ा शहर में शुक्रवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब कागदी पिकअप बांध में सात स्कूली बच्चों से भरी नाव के पलटने की खबर मिली. सूचना मिलते ही लोगों में चिंता बढ़ गई और प्रशासन को तत्काल अलर्ट किया गया. सायरन बजाती एम्बुलेंस और राहत वाहन मौके की ओर रवाना हो गए.

तुरंत सक्रिय हुआ प्रशासन

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन पुलिस नागरिक सुरक्षा और चिकित्सा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गए. कंट्रोल रूम से सभी संबंधित विभागों को सूचना दी गई. कुछ ही मिनटों में पुलिस फायर ब्रिगेड सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें बांध परिसर में पहुंच गईं.

असल हादसा नहीं थी घटना

कुछ समय बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कोई वास्तविक दुर्घटना नहीं थी. जिला कलेक्टर के निर्देश पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को जांचने के लिए यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी. इसका उद्देश्य यह देखना था कि किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रशासन कितनी तेजी और समन्वय के साथ काम करता है.

रिकॉर्ड समय में रेस्क्यू ऑपरेशन

मॉक ड्रिल के तहत नाव पलटने और बच्चों के डूबने की स्थिति का सजीव अभ्यास किया गया. सूचना मिलते ही आठ विभागों की 42 सदस्यीय टीमें मौके पर पहुंचीं. सिविल डिफेंस के प्रशिक्षित गोताखोर पानी में उतरे और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद चिकित्सा टीम ने मौके पर प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास भी किया गया.

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एडीएम ने किया निरीक्षण

अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजीव द्विवेदी स्वयं मौके पर मौजूद रहे. उन्होंने सभी विभागों के रिस्पॉन्स टाइम और आपसी तालमेल का निरीक्षण किया. एडीएम ने बताया कि पुलिस फायर ब्रिगेड एम्बुलेंस और सिविल डिफेंस सहित सभी आठ टीमों ने जिम्मेदारी के साथ काम किया.

भविष्य की आपदाओं के लिए तैयारी

प्रशासन का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल से कमियों की पहचान होती है. समय रहते सुधार कर वास्तविक आपदा के दौरान जनहानि को रोका जा सकता है. प्रशासन ने संकेत दिए कि आगे भी ऐसे अभ्यास जारी रहेंगे ताकि हर स्थिति से निपटने के लिए तंत्र पूरी तरह तैयार रहे.

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