बारां में आदिवासी परिवारों की 270 बीघा भूमि पर कब्जे का आरोप, मंत्री से लगाई न्याय की गुहार

राजस्थान के बारां जिले में आदिवासी परिवारों ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है. 270 बीघा जमीन को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद में अब पीड़ितों ने प्रभारी मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है. रिपोर्ट- अर्जुन अरविन्द

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
राजस्थान के बारां जिले में आदिवासी परिवारों ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है.

Rajasthan News: राजस्थान के बारां जिले में आदिवासी परिवारों ने अपनी जमीन पर कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है. जिले के प्रवास पर आए प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी से पीड़ित परिवारों ने मुलाकात कर 270 बीघा जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की. उनका कहना है कि सरकार द्वारा आवंटित जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा बना हुआ है.

1986 में मिला था जमीन का पट्टा

मामला किशनगंज तहसील के गरडा गांव का है. पीड़ित परिवारों के अनुसार उन्हें साल 1986 में सरकार ने खेती के लिए जमीन दी थी. उन्होंने 1993 तक इस जमीन पर खेती भी की, लेकिन इसके बाद विक्की उर्फ विक्रम सिंह ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया. तब से लेकर आज तक यह विवाद जारी है.

Advertisement

30 साल से संघर्ष जारी

पीड़ितों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से अपनी जमीन वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी तक कई बार अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी किया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है. इससे परिवारों में निराशा बढ़ती जा रही है.

विधायक भी आए समर्थन में

इस मामले में क्षेत्रीय विधायक ललित मीणा भी सक्रिय नजर आए. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बात कर कब्जा हटाने की मांग की है. विधायक का कहना है कि आदिवासी परिवारों को उनका हक मिलना चाहिए.

प्रशासन पर भी उठे सवाल

पीड़ित परिवारों की ओर से कमल बेरवा ने जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि कलेक्टर जमीन का नक्शा नहीं होने की बात कहते हैं, जबकि सभी परिवार एसटी-एससी वर्ग के खातेधारक हैं और उनके पास दस्तावेज मौजूद हैं.

न्याय की उम्मीद में परिवार

लंबे समय से न्याय के इंतजार में बैठे ये परिवार अब भी सरकार और प्रशासन से उम्मीद लगाए हुए हैं. उनका कहना है कि उन्हें विश्वास है कि जल्द ही उनकी 270 बीघा जमीन उन्हें वापस मिलेगी और उन्हें न्याय मिलेगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें- राजस्थान पर पंजाब का 1.44 लाख करोड़ पानी का बकाया, सरकार ने कहा- इसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं

Topics mentioned in this article