बाड़मेर में 27 सरकारी स्कूल बिना भवन, खुले आसमान तले पढ़ने को मजबूर बच्चे; 3 साल से झोपड़ियों में चल रहा स्कूल  

राजस्थान के बाड़मेर जिले में 27 सरकारी स्कूल आज भी बिना पक्के भवन के चल रहे हैं. बच्चे झोपड़ियों और खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं. बजट स्वीकृति न मिलने से भवन निर्माण अटका हुआ है और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
बाड़मेर जिले में 27 सरकारी स्कूल आज भी बिना पक्के भवन के चल रहे हैं.

Rajasthan News: राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है. यहां तीन साल पहले शुरू हुआ एक स्कूल सहित कुल 27 सरकारी विद्यालय आज भी बिना पक्के भवन के संचालित हो रहे हैं. इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे बारिश सर्दी और भीषण गर्मी में खुले आसमान या घास फूस की झोपड़ी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

झोपड़ी में चल रहा आजाद नगर स्कूल

रामसर पंचायत समिति के गंगाला ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय आजाद नगर इसका बड़ा उदाहरण है. यह स्कूल वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा में स्वीकृत हुआ और मार्च 2023 से शुरू हुआ. यहां इस समय 37 बच्चे पढ़ रहे हैं लेकिन भवन नहीं होने के कारण वे कच्ची झोपड़ी में बैठकर पढ़ाई करते हैं.

ग्रामीणों ने अपने स्तर पर अस्थायी ढांचा तैयार किया है और पिछले तीन साल से उसी में कक्षाएं चल रही हैं. शिक्षकों को भी पढ़ाने और शिक्षण सामग्री सुरक्षित रखने में काफी दिक्कत आती है.

जमीन मिली पर बजट नहीं

जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कृष्ण सिंह महेचा ने बताया कि वर्ष 2024 में स्कूल के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है. लेकिन भवन निर्माण के लिए बजट अभी स्वीकृत नहीं हुआ है. बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा.

Advertisement

जिले में कुल 27 स्कूल ऐसे हैं जहां अलग अलग कारणों से भवन निर्माण अटका हुआ है. कुछ जगहों पर जमीन विवाद भी बाधा बने हुए हैं. कई स्कूल जर्जर या अस्थायी ढांचों में चल रहे हैं.

अभिभावकों में नाराजगी

स्थानीय ग्रामीण और अभिभावक लंबे समय से पक्का भवन बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ सकें. फिलहाल मौसम की मार के बीच बच्चों की पढ़ाई जारी है. यह स्थिति सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करती है जहां भवन पानी और शौचालय जैसी मूल जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें- अजमेर में CID के हत्थे चढ़ा नाइजीरियन छात्र, स्टूडेंट वीजा लेकर आया..कभी नहीं गया कॉलेज