आर्मी डे परेड में हिस्सा लेकर गांव पहुंची बेटियों को जबरदस्त स्वागत, पहली बार थार की लड़कियों को मिला था मौका

आर्मी डे परेड में पहली बार थार की बेटियों ने भी हिस्सा लिया था. बाड़मेर की एनसीसी कैडेट्स सुमित्रा जोगासर और भावना डबोई की इस उपलब्धि की क्षेत्र में काफी चर्चा है.

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Barmer news: आर्मी डे परेड में हिस्सा लेकर बाड़मेर पहुंची 2 बेटियों का काफी स्वागत किया गया. ऐसा पहली बार था, जब थार की बेटियां आर्मी डे परेड का हिस्सा बनी. सेना मुख्यालय से पहली बार बाहर 15 जनवरी को जयपुर की सड़कों पर 4 किलोमीटर लंबी आर्मी डे परेड आयोजित की गई थी. इसमें बाड़मेर की एनसीसी कैडेट्स सुमित्रा जोगासर और भावना डबोई ने भी हिस्सा लिया. सेना दिवस-2026 की परेड में पहली बार एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स को शामिल किया गया. दोनों एनसीसी कैडेट्स ने लगभग 40 दिनों की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की. इसमें अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और आत्मविश्वास का विशेष अभ्यास शामिल था. 

पिता को गर्व करता देख बेटियों का हौसला बढ़ा

सुमित्रा और भावना किसान परिवारों से आती हैं. ये दोनों बेटियां सीमावर्ती और संसाधन के अभाव होने के बावजूद मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची हैं. सुमित्रा और भावना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि परेड के दौरान उनके किसान पिता उन्हें परेड करते देख रहे थे. यह देख पिता के चेहरे पर गर्व की भावना देखकर उनका हौसला और बढ़ गया. सुमित्रा ने कहा कि यह सिर्फ मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गांव, जिले और थार की बेटियों के लिए गौरव की बात है. 

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आर्मी डे परेड की तस्वीर.

युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत

थार की इन बेटियों ने न केवल बाड़मेर, बल्कि पूरे राजस्थान और देश के लिए एक नई मिसाल कायम की है. बाड़मेर पीजी कॉलेज के एनसीसी अधिकारी कैप्टन डॉ. आदर्श किशोर जाणी बताते हैं कि जिले के लोग उनकी इस उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. उन्होंने इसे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि चाहे कितना भी पिछड़ा या चुनौतीपूर्ण क्षेत्र हो, सही दिशा और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है. 

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