बाड़मेर में 5 दिन बाद भी नहीं पता लगा क्रूड ऑयल रिसाव का कारण, ऐश्वर्या ऑयल फील्ड ने बंद किया उत्पादन

राजस्थान के बाड़मेर जिले में किसान के खेत से हो रहे क्रूड ऑयल रिसाव ने तेल कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पांच दिन बाद उत्पादन बंद हुआ तब जाकर रिसाव थमा.

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बाड़मेर जिले में किसान के खेत से हो रहे क्रूड ऑयल रिसाव ने तेल कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर जिले में देश के सबसे बड़े क्रूड तेल उत्पादन क्षेत्र में 5 दिन से तेल का रिसाव हो रहा था. जिसके बाद अब हैरानी की बात यह रही कि पांच दिन तक रिसाव जारी रहने के बावजूद कंपनी इसकी ठोस वजह नहीं ढूंढ पाई. तेल उत्पादक कंपनी केयर्न वेदांता को आखिरकार पांचवें दिन बड़ा फैसला लेना पड़ा. ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के 20 वेल का क्रूड ऑयल उत्पादन बंद किया गया. इसके बाद ही खेत में हो रहा रिसाव थमा. उत्पादन बंद होते ही कंपनी अब लीकेज के स्रोत की तलाश में जुट गई है.

ऐश्वर्या ऑयल फील्ड की अहम भूमिका

ऐश्वर्या ऑयल फील्ड में सबसे अधिक तेल कुएं मौजूद हैं. इस क्षेत्र से प्रतिदिन पांच हजार बैरल से अधिक क्रूड ऑयल का उत्पादन होता है. उत्पादन बंद होने से पूरे क्षेत्र की तेल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा है.

23 फरवरी से शुरू हुई परेशानी

23 फरवरी को किसान हरजी राम के खेत में अचानक क्रूड ऑयल का रिसाव शुरू हुआ. शुरुआत में कंपनी ने वैक्यूम मशीन से तेल खींचकर टैंकरों के जरिए दूसरे वेलपैड तक पहुंचाया. लेकिन यह उपाय अस्थायी साबित हुआ और रिसाव लगातार जारी रहा.

कारण नहीं मिले तो उठे सवाल

पांच दिन तक कंपनी के विशेषज्ञ रिसाव के कारण नहीं ढूंढ पाए. आरोप है कि कंपनी ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए प्रभावित क्षेत्र को रेड जोन घोषित कर दिया. खेत के ऊपर टीन शेड लगाकर उसे ढक दिया गया और लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई.

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किसानों में नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय किसानों में नाराजगी है. उनका कहना है कि खेत की मिट्टी और फसल को नुकसान पहुंचा है. वे मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

जांच और जवाबदेही की मांग

अब जब उत्पादन बंद होने के बाद रिसाव रुका है तो सवाल यह है कि पहले ऐसा कदम क्यों नहीं उठाया गया. इस घटना ने तेल कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं.

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