बाड़मेर के स्कूल में पंखा गिरने से 2 छात्र घायल, टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा- आखिर इतनी बेरूखी क्यों?

नेता प्रतिपक्ष ने इस घटना को अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. साथ ही दोनों बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की.

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बाड़मेर के सरकारी स्कूल में सोमवार (16 मार्च) सुबह सांसियों का तला उच्च प्राथमिक स्कूल में हादसा हो गया. क्लासरूम में पंखा गिरने से 2 मासूम घायल हो गए. प्रार्थना सभा समाप्त होने के तुरंत बाद जब बच्चे अपनी कक्षाओं में पहुंचे, तभी अचानक छत से लटका एक पंखा हुक टूटने के कारण नीचे गिर पड़ा. इस हादसे में कक्षा 1 का मनीष (5 वर्ष) और कक्षा 2 का मनीष (6 वर्ष) घायल हो गया. हादसे की सूचना मिलते ही क्लास में मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और चीख-पुकार मच गई. इस मामले में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इस घटना को अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. साथ ही दोनों बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की.

जूली ने सरकार को भी लिया आड़े हाथ

उन्होंने कहा कि तथाकथित “डबल इंजन” की सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बेहाल कर दिया है. ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाती है. विपक्ष द्वारा सड़क से लेकर सदन तक स्कूलों की बदहाल स्थिति, जर्जर भवनों और संसाधनों की कमी को लेकर लगातार आवाज उठाई गई. इस संबंध में आंदोलन भी किए गए, लेकिन भाजपा सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है."

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नेता प्रतिपक्ष ने पूछा सवाल

उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि आखिर गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों के प्रति इतनी बेरुखी क्यों? जब स्कूलों की इमारतें जर्जर हैं, छतें टूट रही हैं और पंखे गिर रहे हैं तो उनके मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए विशेष बजट की घोषणा क्यों नहीं की जा रही?

मां का शिक्षकों पर फूटा गुस्सा

स्कूल स्टाफ ने तुरंत दोनों घायल बच्चों को बाड़मेर के जिला अस्पताल पहुंचाया. उनका इलाज जारी है. घायल बच्चे की मां ने शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि पड़ोसी ने बाइक पर बच्चे को अस्पताल पहुंचाया. स्कूल में पंखा टूटा हुआ था या नहीं, इसकी कोई जांच नहीं की जाती.

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