Rajasthan News: भारतीय सेना अब केवल सरहदों की रक्षक नहीं, बल्कि एक आधुनिक 'टेक-पावर' बनने की ओर अग्रसर है. जयपुर में गुरुवार को आयोजित सेना दिवस परेड (Army Day Parade 2026 Jaipur) के बाद सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी (Upendra Dwivedi) ने स्पष्ट कर दिया कि बदलती दुनिया के साथ भारतीय सेना न केवल अपनी संरचना बदल रही है, बल्कि सूचना के युद्ध (Information Warfare) में भी दुश्मनों को धूल चटा रही है.
'दुश्मन का झूठ नहीं, हमारा सच बोलेगा'
आज के दौर में लड़ाई केवल मैदान पर नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन और सूचनाओं के जरिए भी लड़ी जा रही है. पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा का जिक्र करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, 'दुश्मन चाहे जितना झूठ फैला ले, लेकिन भारतीय सेना की विश्वसनीयता के आगे वह टिक नहीं सकता. आज हमारा 'सत्य' उनके प्रोपेगेंडा से 100 गुना ज्यादा तेजी से फैल रहा है.' उन्होंने जोर दिया कि सेना अब हर जानकारी को पारदर्शिता के साथ जनता तक पहुंचाने के लिए तैयार है.
भविष्य के युद्ध के लिए 'ट्रिपल अटैक' प्लान
रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए सेना प्रमुख ने एक बड़ी सीख साझा की—कि युद्ध कब तक चलेगा, यह कोई नहीं जानता. इसीलिए भारतीय सेना 'परिवर्तन' के दौर से गुजर रही है. भैरव, शक्ति और दिव्यास्त्र, ये सिर्फ नाम नहीं, बल्कि भविष्य की युद्ध प्रणालियों के उदाहरण हैं, जिन्हें नई चुनौतियों के हिसाब से ढाला गया है. सेना प्रमुख ने साफ किया कि सिर्फ मशीनें खरीदने से काम नहीं चलेगा. डीआरडीओ (DRDO) के साथ मिलकर अब अनुसंधान (Research) पर जोर दिया जा रहा है ताकि भारत रक्षा क्षेत्र में पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बन सके.
राजस्थान की मिट्टी में वीरता का DNA
आर्मी डे परेड को दिल्ली से बाहर जयपुर लाने का फैसला इस माटी के शौर्य को सम्मान देना था. सेना प्रमुख ने भावुक होते हुए कहा, 'यह वह धरती है जिसने शैतान सिंह भाटी और अब्दुल हमीद जैसे योद्धा दिए. यहां की मिट्टी में ही वीरता है.' इस मौके पर नेपाल आर्मी बैंड की धुन ने दोनों देशों के प्रगाढ़ संबंधों की एक खूबसूरत तस्वीर भी पेश की. उन्होंने कहा कि आज की परेड में परंपरा और परिवर्तन का खूबसूरत संगम देखने को मिला.
'फौजी कभी रिटायर नहीं होता'
अंत में, सेना प्रमुख ने सेना के सबसे बड़े स्तंभ यानी 'जवान' पर बात की. उन्होंने कहा कि सरहद पर डटे जवान के परिवार की जिम्मेदारी हमारी है. वहीं पूर्व सैनिकों को लेकर उन्होंने एक गहरी बात कही, 'एक फौजी कभी रिटायर नहीं होता.' उन्होंने बताया कि वेटरन्स के भीतर छिपी खूबियों को सम्मानित करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में नई भूमिकाएं देने के लिए सेना लगातार प्रयास कर रही है.
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