भरतपुर में आधुनिक खेती से किसान कमा रहा लाखों रुपये, एक बार लगाए पेड़, सालों तक होता है मुनाफा

राजस्थान के भरतपुर जिले में एक किसान ने पारंपरिक खेती छोड़कर बेलगिरी की बागवानी शुरू की और आज इससे हर साल लाखों रुपये कमा रहा है. कम लागत और लंबे समय तक आमदनी देने वाली यह खेती अब अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है.

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भरतपुर जिले में एक किसान ने पारंपरिक खेती छोड़कर लाखों की कमाई की है

Rajasthan News: राजस्थान के भरतपुर जिले की कोटी पट्टी के किसान रतन धाकड़ पहले पारंपरिक खेती करते थे. उनके पास जमीन तो पर्याप्त थी लेकिन खेती से इतनी आमदनी नहीं हो पाती थी कि आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके. इससे केवल घर का खर्च ही किसी तरह चल पाता था.

करीब 15 साल पहले वैर क्षेत्र के हॉर्टिकल्चर विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें बागवानी की ओर प्रेरित किया. इसी सलाह को मानते हुए उन्होंने बेलगिरी की खेती शुरू करने का फैसला किया.

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हॉर्टिकल्चर विभाग ने दिए मुफ्त पौधे

रतन धाकड़ बताते हैं कि शुरुआत में हॉर्टिकल्चर विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें करीब 100 बेलगिरी के पौधे उपलब्ध कराए थे. इनमें से लगभग 80 पौधे सफलतापूर्वक खेत में लग पाए. बेल का पौधा लगाने के बाद शुरुआती एक से दो साल तक मेहनत करनी पड़ती है लेकिन इसके बाद यह पेड़ लंबे समय तक फल देता रहता है.

दो से तीन साल में शुरू हो गया फल उत्पादन

रतन धाकड़ के अनुसार बेलगिरी के पेड़ लगाने के दो से तीन साल बाद ही उनमें फल आने शुरू हो गए थे. एक पेड़ पर लगभग 200 से 250 फल लगते हैं और एक फल का वजन करीब एक किलो या उससे अधिक होता है. सबसे खास बात यह है कि उन्हें फल बेचने के लिए कभी मंडी जाने की जरूरत नहीं पड़ती. व्यापारी खुद उनके खेत पर आकर फल खरीद लेते हैं.

हर साल करीब साढ़े तीन लाख की कमाई

किसान बताते हैं कि व्यापारी बेलगिरी के फल को 20 से 25 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदते हैं. इससे उन्हें हर साल करीब 3 लाख 50 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है. हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उनकी जमीन की मिट्टी कुछ जगह खराब होने के कारण कई बार फल चटक जाते हैं जिससे नुकसान भी होता है.

गर्मियों में बढ़ती है बेलगिरी की मांग

बेलगिरी का फल मुख्य रूप से मार्च से मई और जून तक पूरी तरह पककर तैयार होता है. यह गर्मियों का प्रमुख फल माना जाता है और बाजार में जुलाई तक उपलब्ध रहता है.

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गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक देने पेट की समस्याओं को दूर करने और लू से बचाने में बेहद लाभकारी माना जाता है. यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है साथ ही ब्लड को शुद्ध करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है.

किसानों से की बागवानी अपनाने की अपील

रतन धाकड़ का कहना है कि बेलगिरी का पेड़ एक बार लगाने के बाद लगभग 200 साल तक फल दे सकता है. इसलिए यह कम लागत में लंबे समय तक आमदनी देने वाली फसल है.

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उन्होंने अन्य किसानों से अपील की है कि पारंपरिक खेती के साथ बागवानी को भी अपनाएं ताकि कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिल सके और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो.

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