Rajasthan News: भीलवाडा के कोटड़ी क्षेत्र में गारनेट का अवैध कारोबार का हमेशा से विवादों रहते आया है. इस बीच शनिवार रात को गारनेट माइनिंग कारोबारियों से अवैध वसूली का मामला सामने आने से हड़कम्प मच गया. वसूली करने के मामले में जाहजपुर विधायक गोपीचंद मीणा के नजदीकी व्यक्ति और पुलिस के एक कथित आला अधिकारी पर आरोप लगने से मामला गरमा गया है. कोटडी थाना पुलिस ने शनिवार देर रात को अवैध वसूली करने वाले चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. रविवार दोपहर तक 4 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है. उधर जाहजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने पूरे मामले अपनी संलिप्ता से इनकार करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
मोटी रकम की वसूली की पता चली बात
पिछले कई सालों से भीलवाड़ा के कोटड़ी और बीगोद क्षेत्र में अवैध गारनेट (रेत का सोना) का गोरखधंधा चरम पर है. पुलिस और माफिया की मिलीभगत के चलते यह अवैध कारोबार बिना किसी रोक टोक के बेखौफ चल रहा है. हालात यह है कि पुलिस उच्च अधिकारी के नाम पर माफिया से लाखों रुपए की अवैध बसूली कर रहे हैं. हाल ही कोटड़ी क्षेत्र में पकड़े गए गारनेट मामले में भारी भरकम रकम वसूलने की भनक जब उच्चाधिकारियों को लगी, तो पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
पुलिस उपाधीक्षक की भूमिक संदिग्ध
सदर पुलिस उपाधीक्षक माधव उपाध्याय की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है. इसके बाद पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने जांच शुरू करवाई है. पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी अजय पांचाल जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा का नजदीकी बताया जा रहा है. पुलिस ने वसूली के आरोप में पकड़े गए पांचाल के साथीं कालु गुर्जर, नारायण गुर्जर, नंद सिंह को गिरफ्तार किया है. इन सभी आरोपियों पर गारनेट का अवैध धंधा चलने देने का झांसा वेकर 15-20 अवैध खननकर्ताओं से लाखों रुपए वसूले गए. यह चारों आरोपी गैंग बनाकर वसूली कर रहे थे. यह पुलिस का डर बैठा रहे थे. आरोपियों पर पहले से अवैध खनन, चोरी और मारपीट के मामले दर्ज हैं.
विधायक ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि इस मामले की शिकायत एसपी धर्मेंद्र यादव और उच्च अधिकारियों को की थी. भीलवाड़ा कोटड़ी क्षेत्र में कुछ लोग चोरी छुपे गार्नेट का अवैध खनन का काम कर रहे हैं. इसकी शिकायत मैने भीलवाड़ा sp और अधिकारियो की थी उसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इस खेल में पुलिस के कुछ आलाधिकारी भी शामिल हैं. मैं चाहता हूं कि इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. मेरे शिकायत करने की वजह से ही कुछ लोग इस पूरे मामले में मेरा नाम घसीट रहे हैं. अजय पांचाल का नाम मेरे साथ जोड़ा जा रहा है. वह भीलवाड़ा रहता है. मैं उसे जानता अवश्य हूं बीजेपी का कार्यकर्ता है. निजी सचिव नहीं है. मगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
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