Rajasthan: बिजयनगर ब्लैकमेल कांड के विरोध में प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. शुक्रवार (28 फरवरी) को अजमेर जिले के किशनगढ़ में हिंदूवादी संगठनों के आह्वान पर पूर्ण बंद रखा गया. इस दौरान व्यापारिक प्रतिष्ठान और अन्य संस्थानों में ताला लगा रहा. बंद को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके. बंद को लेकर एसडीएम और सीओ सिटी ने मदनगंज थाने में व्यापारियों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शांतिपूर्ण बंद की अपील की. बंद का आह्वान करने वाले हिंदूवादी संगठनों और किशनगढ़ व्यापारी एसोसिएशन ने उपखंड अधिकारी को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा. इसमें ब्लैकमेल कांड में लिप्त दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई. साथ ही, पीड़ित छात्राओं को न्याय और आर्थिक सहायता देने की अपील की गई है.संगठनों ने शनिवार (1 मार्च) को अजमेर बंद बुलाया है.
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर सजा देने की मांग
हिंदू संगठनों की ओर से किशनगढ़ में बंद के दौरान सड़कों पर रैली निकाली गई. शिवसेना के उप राज्य प्रमुख नरेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि बिजयनगर की घटना बेहद गंभीर है जिसमें एक विशेष वर्ग के युवकों ने लव जिहाद के तहत स्कूली लड़कियों के साथ दुराचार किया. उन्होंने इस मामले में अभी की गई कार्रवाई को अपर्याप्त बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सख्त कदम उठाने की मांग की. राजावत ने कहा,"उत्तर प्रदेश में योगी सरकार इस तरह के असामाजिक तत्वों को सज़ा देने के लिए बुलडोज़र और डंडों का प्रयोग करती है, तो हमारी सरकार इतनी लाचार क्यों दिख रही है."
प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच कर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर सभी दोषियों को सज़ा दी जानी चाहिए. राजावत ने कहा,"इसमें सिर्फ़ 5-10 लड़के ही दोषी नहीं हैं, क्योंकि कैफ़ै वालों और जूस वालों की भी इसमें मिलीभगत हो सकती है क्योंकि अगर उन्हें पता था कि वहां गलत हरकतें हो रही हैं तो उन्होंने इसका विरोध क्यों नहीं किया. उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए."
किशनगढ़ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन देते प्रदर्शनकारी
क्या है मामला?
अजमेर संभाग के बिजयनगर में स्कूली छात्राओं को मोबाइल फोन का लालच देकर उनके यौन शोषण, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे हैं. 15 फरवरी को एक नाबालिग छात्रा के परिजनों ने बिजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद चार अन्य लड़कियों के परिजनों ने भी आरोप लगाए थे. इस मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच की जा रही है.
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