बीकानेर के रिहायशी इलाके में अचानक धंसी जमीन, बन गया 40 फीट गहरा गड्ढा; देखें तस्वीरें

बीकानेर के रिहायशी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक जगह करीब 40 फीट जमीन धंस गई. जिस इलाके में यह घटना हुई है, वहां पर पहले 3 मकान धंस गए थे.

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बीकानेर के रिहायशी इलाके में अचानक धंसी जमीन

बीकानेर जिले के नोखा कस्बे में रिहायशी क्षेत्र में अचानक जमीन धंसने से हड़कंप मच गया. जमीन धंसने से करीब 30 फीट चौड़ा और 40 फीट गहरा गड्डा बन गया. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए. स्थानीय लोगों के अनुसार जमीन धंसने से आसपास बने कुछ रिहायशी मकान भी खतरे के निशान पर आ गए है, जिससे क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल है. जिस इलाके में यह घटना हुई है. वहां पर करीब डेढ़ साल पहले 3 मकान जमीन धंसने के कारण जमींदोज हो गए थे. उस समय तत्कालीन जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने मौके निरीक्षण कर स्थिति का जायजा जी लिया था. 

प्रभावित लोगों दूसरे जगह शिफ्ट करने की मांग

फिलहाल क्षेत्रवासी प्रशासन से जल्द सर्वे करवाकर खतरे के क्षेत्र को चिह्नित करने और प्रभावित परिवारों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं. जिससे किसी बड़े हादसे से बचा जा सके. यह घटना कस्बे के रोड़ा रोड स्थित काना महाराज की खेड़ी के पास हुई. जमीन के धसने के बाद स्थानीय निवासियों द्वारा प्रशासन को सूचना देने के बाद भी अभी तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. एक स्थानीय निवासी मगनाराम केंडली ने बताया कि आए दिन जो खाने धंसती रहती हैं. नगर पालिका को पूरी तरह से अपने खाते में लिखकर तारबंदी किया जाए. ताकि आने वाले समय पशु और आम लोगों को किसी तरह का नुकसान न हो.

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रिहायशी इलाके में नगर पालिका द्वारा पट्टे काटे जाने को लेकर स्थानीय निवासी ने कहा कि जिन लोगों द्वारा पट्टे काटे गए, उनके खिलाफ कानूनी एक्शन लिया जाना चाहिए. 

मगनाराम ने कहा कि जिन लोगों के नाम पट्टे जारी किए गए, उनको तो पता नहीं था. उनको मुआवजा दिया जाए. एक महिला का घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया और आज वह महिला तंबू के नीचे रहने को मजबूर है. पट्टा सरकार ने दिया, उसी के आधार पर लोगों ने मकान बनाया. अब किस पर भरोसा करे. यह सरकार ही बताए. 

डेढ़ साल पहले धंस गए थे तीन मकान

वहीं, लालचंद भादु ने कहा कि दो साल से यह सिलसिला चल रहा है. डेढ़ साल पहले तीन मकान धंस गए थे. उसके बाद कलेक्ट्रेट का भी दौरा हुआ और पूरे इलाके को पैक कर दिया गया. इसके बाद फिर से खोल दिया गया. कम से कम 5-7 गाय मर चुकी. यहां पुरानी खाने थीं. इसके बाद किसी कॉलोनी काटने वाले लालची ने खरीद लिया और उसको मिट्टी से भर दिया. खान में किनारे में भरपूर गैस भर गई और बरसात होने पर जमीन धंस गई. अभी तक ठीक है, कोई जनहानि नहीं हुई. लेकिन बड़ा हादसा हो सकता है. यहां पर बने सभी पट्टों को उचित मुआवजा देकर सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाए.

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