बीजेपी विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने केंद्रीय मंत्री शेखावत के खिलाफ खोला मोर्चा, शेरगढ़ के विकास ब्योरे पर कहा- 'इसे पहले सत्यापित करें'

शेरगढ़ के बीजेपी विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विकास के ब्योरे पर उसे सत्यापित करने की मांग की.

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गजेंद्र सिंह शेखावत और बाबू सिंह राठौड़

Rajasthan News: राजस्थान में बीजेपी की आंतरिक कलह की सुगबुगाहट दिख रही है. जहां एक ओर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत लोकसभा चुनाव दौरे पर विकास कार्य गिनवा रहे हैं. वहीं, क्षेत्र के बीजेपी विधायक ही उनसे विकास कार्यों के सत्यापन की मांग कर रहे हैं. यह सवाल शेरगढ़ के विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने उठाया है. उनका कहना है कि अगर हम इस बात को नहीं उठाएंगे तो कौन उठाएगा. उन्होंने NDTV से बात करते हुए कहा कि अगर शेरगढ़ में विकास कार्य हुए हैं तो वह दिखते क्यों नहीं है, उनका सत्यापन भी होना चाहिए. अगर शेरगढ़ में 318 लाख (3.18 करोड़) का काम हुआ है तो इसका सत्यापन होना भी जरूरी है.

गजेंद्र सिंह शेखावत से पोस्ट से दिया बाबू सिंह राठौड़ को जवाब

शेरगढ़ के विधायक बाबू सिंह राठौड़ द्वारा बिना केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम लिये उन पर काम नहीं होने का आरोप लगाया था. इसके बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किसी तरह का बयान तो नहीं दिया. लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर शेरगढ़ के विकाय कार्यों का एक पोस्टर जारी कर बाबू सिंह राठौड़ को जवाब दे दिया. जिसमें सांसद कोटे से पंचायत समिति शेरगढ़ में किए गए कार्यों का उल्लेख है. करीब 318 लाख  रुपए के विकास कार्य 2014 से लेकर अब तक करवाया गया है ऐसा उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है.

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26 फरवरी को को शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वीर शिरोमणि राव देवराज राठौड़ की 662 की जयंती के अवसर पर बिना सांसद का नाम लिए उन पर तंज कसा. विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने कहा कि 'मीठा बोलियां पण काम कौनी करियो, अब सड़कों पर संघर्ष करना पड़ेगा. और सिर गिनाने पड़ेंगे.'

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विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने कहा कि सैनिक अस्पताल की मांग रखी गई थी. मंत्री जी ने मंच पर बैठे-बैठे फोन पर बात की और भाषण दिया कि निर्मला सीतारमण से बात हो गई. आज ही फाइल पर साइन हो जाएंगे .लेकिन काम नहीं हुआ फिर राजनाथ सिंह यहां आए तो उनसे निवेदन किया और बालेसर में वह अस्पताल स्वीकृत हुआ. प्रदेश में 56 केंद्रीय विद्यालय बने, लेकिन शेरगढ़ में नहीं बना. अब कहते हैं तो बोलते हैं. कि आपकी सरकार प्रस्ताव नहीं भेजती अब तो डबल इंजन की सरकार है. इतने बड़े पद पर है. खुद सरकार को कहकर प्रस्ताव मंगवा कर काम करवा सकते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि आप सभी को तैयार रहना पड़ेगा और सड़कों पर लड़ाई लड़नी होगी.

लोकसभा चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर भाजपा नेताओं की अंदरूनी खीचतान के कारण से आने वाले लोकसभा चुनाव में इसका असर पड़ सकता है.

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