Rajasthan Assembly: सर्वदलीय बैठक का कांग्रेस ने किया बहिष्कार, BJP नेता बोले- डोटासरा vs जूली की लड़ाई फिर सामने आ गई

Rajasthan Assembly Monsson Session 2025: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 1 सितंबर से शुरू हो रहा है. इस सत्र में कई महत्वपूर्ण बिल और मुद्दे उठाए जाने की उम्मीद है. कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे, लेकिन जिस तरह से सत्र से पहले ही टकराव शुरू हो गया है.

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बीजेपी ने साधा निशाना: राजस्थान में कांग्रेस की आपसी लड़ाई का असर सर्वदलीय बैठक पर.

Rajasthan News: राजस्थान में 16वीं विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है, और इससे ठीक पहले सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. विधानसभा सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) का कांग्रेस (Congress) ने बहिष्कार कर दिया. कांग्रेस के इस कदम से राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. सरकार ने इस पर नाराजगी जताई है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि उन्होंने यह फैसला मजबूरी में लिया.

क्यों हुआ बहिष्कार?

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने 1 सितंबर से शुरू होने वाले चौथे सत्र के लिए गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इस बैठक में सभी दलों के नेताओं को बुलाया गया था ताकि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके. इस बैठक में कांग्रेस की तरफ से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान को शामिल होना था, लेकिन दोनों ही इस बैठक में नहीं पहुंचे.

कांग्रेस का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज को नहीं सुन रही है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बहिष्कार की वजह बताई. उन्होंने लिखा, "सरकार का रवैया एकतरफा है." उन्होंने याद दिलाया कि जब उनकी सरकार थी, तो तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सभी 200 विधायकों और 25 सांसदों की बात सुनी थी. लेकिन अभी की सरकार केवल अपने ही विधायकों, सांसदों और चुनाव हारे हुए प्रत्याशियों से बात कर रही है. जूली ने साफ कहा कि विपक्ष की आवाज को पूरी तरह से दबाया जा रहा है, और इसी वजह से कांग्रेस ने इस बैठक का बहिष्कार किया.

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उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक 2 सितंबर को होगी, जिसमें प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. उसी बैठक में आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.

बीजेपी का पलटवार

कांग्रेस के इस कदम पर बीजेपी ने भी तीखा पलटवार किया है. सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस के फैसले की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि विपक्ष मैदान छोड़कर भाग रहा है." उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के दोनों नेताओं ने जानबूझकर इस बैठक का बहिष्कार किया.

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गर्ग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में आपसी लड़ाई चल रही है. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि कांग्रेस की आपसी लड़ाई, 'डोटासरा बनाम जूली' की लड़ाई, शायद फिर से सामने आ गई है." उन्होंने कांग्रेस के इस फैसले को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह राजस्थान और विपक्ष दोनों के हित में नहीं है. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और सरकार दोनों ही सदन में सकारात्मक माहौल बनाना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस ने ऐसा करके उस कोशिश को नुकसान पहुंचाया है.

हंगामेदार हो सकता है सत्र

राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 1 सितंबर से शुरू हो रहा है. इस सत्र में कई महत्वपूर्ण बिल और मुद्दे उठाए जाने की उम्मीद है. कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे, लेकिन जिस तरह से सत्र से पहले ही टकराव शुरू हो गया है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिल सकती है. सरकार और विपक्ष दोनों के बीच आपसी तालमेल की कमी सत्र को हंगामेदार बना सकती है, जिससे जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हो सकती है.

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