Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार, 11 बजे ही क्यों? बजट से जुड़े 7 बड़े बदलाव जो जानना ज़रूरी हैं

भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लगातार नवां बजट पेश कर भारत की राजनीति में एक नया कीर्तिमान बनाने जा रही हैं. आइए इस अवसर पर जानें भारत में कैसे बदलती रही बजट पेश करने की परंपरा.

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1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हाथों में बजट की तस्वीर
PTI

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं. केंद्रीय बजट का भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा महत्व होता है और इसमें की जानेवाली सरकार की घोषणाओं का देश के हर वर्ग पर प्रभाव पड़ता है. बजट पेश करने की परंपरा में बीते वर्षों में कई बड़े बदलाव आए हैं. इस वर्ष का बजट भी एक ऐतिहासिक बजट है. आइए समझें केंद्रीय बजट के बारे में 7 ऐतिहासिक बदलाव जो आपको जाननी चाहिए.

  1. इस वर्ष बजट 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है. संयोग से यह रविवार है लेकिन परंपरा के अनुसार बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाता है. इस वजह से आज रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है जब बजट रविवार को पेश किया जा रहा है.
  2. बजट की तारीख में बदलाव 9 साल पहले किया गया था. पहले बजट बजट पेश करने की तारीख 28 फरवरी हुआ करती थी. लेकिन, वर्ष 2017 से बजट की तारीख 1 फरवरी कर दी गई. ऐसा इसलिए किया गया ताकि नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल से सुचारू रूप से शुरू हो सके.
  3. बजट के समय में भी बदलाव किया गया. यह बदलाव 27 साल पहले 1999 में किया गया. वर्ष 1999 से पहले बजट शाम पांच बजे पेश होता था. लेकिन, 1999 में एनडीए सरकार के वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट पेश करने का समय बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया. इसके बाद से हर साल बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाता है.
  4. बजट पेश करने की परंपरा में एक बड़ा बदलाव वर्ष 2021 में आया. इस साल से पहली बार पेपरलेस बजट पेश किया जाने लगा. इसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. कोविड महामारी के बीच डिजिटल भारत को बढ़ावा देने के लिए 2021 से पहली बार बजट टैबलेट से पेश किया जाने लगा.
  5. भारत में बजट परंपरा में एक और बड़ा बदलाव 1950 के दशक के मध्य आया. शुरुआत में बजट सिर्फ़ अंग्रेज़ी में प्रकाशित किया जाता था. लेकिन वर्ष 1955-56 से आम बजट हिंदी में भी प्रकाशित किया जाने लगा.
  6. बजट पेश करने की तस्वीरों में एक बड़ा बदलाव वर्ष 2019 में आया. पहले वित्त मंत्री बजट पेश करने के लिए बजट भाषण चमड़े के बैग में लेकर आते थे. लेकिन, 2019 से इसे बही खाते की तरह लाल कपड़े में लपेटकर लाया जाने लगा. वर्ष 2021 से बजट डिजिटल टैबलेट से पेश किया जाता है. लेकिन, पारंपरिक तौर पर इसे लाल कवर में लपेटा जाता है जिसपर भारत सरकार का प्रतीक अशोक चिह्न लगा होता है.
  7. बजट प्रस्तुति में एक बड़ा बदलाव 2017 में आया. इससे पहले भारत में आम बजट और रेल बजट अलग पेश किए जाते थे और रेल मंत्री केंद्रीय बजट से पहले रेल बजट पेश किया करते थे. लेकिन, वर्ष 2017 से रेल बजट का केंद्रीय बजट में विलय कर दिया गया.

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