Bulldozer Action: "मुझे जबरदस्ती बाहर निकाला, बच्चे घर में ही थे और अचानक चला दिया बुलडोजर", अजमेर प्रशासन पर डॉक्टर के आरोप

Rajasthan: 4 साल पहले नितिन दरगड़ ने नीलामी में 487 वर्ग मीटर का भूखंड खरीदा. इस प्लॉट पर बने घर में फिलहाल उनके रिश्तेदार डॉ. कुलदीप शर्मा रह रहे हैं. 

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Bulldozer Action: "मुझे जबरदस्ती बाहर निकाला, बच्चे घर में ही थे और अचानक चला दिया बुलडोजर", अजमेर प्रशासन पर डॉक्टर के आरोप

Dr Kuldeep Sharma allegations against ADA: अजमेर के पंचशील क्षेत्र में बुलडोजर एक्शन विवादों में घिर गया है. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) और पुलिस के खिलाफ आरोप लगाए  गए हैं. इस कार्रवाई के खिलाफ डॉ. कुलदीप शर्मा ने आपत्ति जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि उनके दो नाबालिग बच्चे घर में पढ़ रहे थे और एडीए अधिकारियों ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया. इसके बाद जेसीबी (JCB) से उनके घर को ध्वस्त कर दिया. यह मामला शहर के पंचशील क्षेत्र में भूखंड संख्या A-57 से जुड़ा है. यह विवाद तब शुरू हुआ, जब 4 साल पहले नितिन दरगड़ ने नीलामी में 487 वर्ग मीटर का भूखंड खरीदा. इस प्लॉट पर बने घर में फिलहाल उनके रिश्तेदार डॉ. कुलदीप शर्मा रह रहे हैं. 

2 नवंबर 2021 को जमीन का हुआ था सौदा 

इस जमीन का सौदा 2 नवंबर 2021 को हुआ. लेकिन गलती से 90 वर्ग मीटर अतिरिक्त भूमि भी दे दी गई. जब उन्होंने भवन निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया तो अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) को इस गलती का पता चला और अनुमति देने से इनकार कर दिया. 

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17 मार्च को दिया गया था अतिक्रमण का आदेश

इसके बाद 14 फरवरी 2025 को भूखंड A-56 पर बिना स्वीकृति निर्माण करने पर प्राधिकरण ने दरगड़ को नोटिस जारी किया. 14 मार्च को जवाब में दरगड़ ने कहा कि उन्होंने नियमों के तहत ही निर्माण किया है. इस पर प्राधिकरण संतुष्ट नहीं हुआ और 17 मार्च को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया. इसी के तहत गुरुवार को एडीए की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी. 

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प्राधिकरण के खिलाफ लगाए गंभीर आरोप

डॉ. कुलदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि बिना नोटिस दिए मकान गिराया गया. उनका कहना है कि जब जेसीबी से घर तोड़ा जा रहा था, तब उनके बच्चे घर में मौजूद थे और उन्हें जबरदस्ती बाहर निकाला गया. उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ मारपीट का भी आरोप लगाया. वहीं, इस कार्रवाई के समर्थन में राजस्थान ब्राह्मण महासभा भी उतर आई है. महासभा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की. महासभा के अध्यक्ष पंडित सुदामा शर्मा ने कहा कि यह प्रशासनिक अराजकता का उदाहरण है. 

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निजी हॉस्पिटल में बंद रहेंगे आईपीडी-ओपीडी

इस कार्रवाई के विरोध में डॉक्टर्स भी उतर आए हैं. प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. पंकज तोषनीवाल ने ऐलान किया कि शुक्रवार को सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी और आईपीडी बंद रहेगी. चिकित्सक जेएलएन अस्पताल के सामने एकत्रित होकर आगे की रणनीति तय करेंगे.

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