कोटा के कुख्यात अपराधी महमूद बेग के ठिकानों पर चला बुलडोजर, पुलिस की मौजूदगी में 10 दुकानें ध्वस्त

Bulldozer Action in Kota: राजस्थान के कोटा में गुरुवार को हिस्ट्रीशीटर महमूद बेग उर्फ शानू के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला. पुलिस प्रशासन की भारी मौजूदगी में हिस्ट्रीशीटर की 10 दुकानों को ध्वस्त किया गया.

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kota Bulldozer Action:कोटा के कुख्यात अपराधी महमूद बेग के ठिकानों पर चला बुलडोजर.
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Bulldozer Action in Kota: कोचिंग सिटी के रूप में मशहूर कोटा में गुरुवार को हिस्ट्रीसीटर द्वारा किए गए अवैध निर्माण को कोर्ट के आदेश के बाद कोटा विकास प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर चला कर जमीदोंज कर दिया. कोटा के रेलवे कॉलोनी थाना इलाके में हिस्ट्रीशीटर शानू उर्फ महमूद बेग द्वारा किए गए अतिक्रमण पर KDA ने पीला पंजा चला. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया, कार्रवाई से पूर्व जवानों को तैनात कर आवागमन भी बंद किया गया ताकि कार्रवाई की जा सके. कार्रवाई के दौरान पुलिस उप अधीक्षक के साथ आधा दर्जन के करीब सीआई और जाप्ते को भी इस कार्रवाई में लगाया गया था, सुरक्षा के मध्यनजर भारी सुरक्षा इंतजाम मौके पर रखे गए. 

15 मुक़दमे दर्ज हैं हिस्ट्रीशीटर शानू पर 

कोटा पुलिस इन दिनों लगातार अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है पुराने संगीन आरोपियों पर भी पुलिस की पैनी नजर है.  रेलवे कॉलोनी थाने के सीआई रामस्वरूप मीणा ने बताया कि महमूद बेग उर्फ शानू के खिलाफ 15 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें अवैध कब्जा, जुआ, सट्टा, तस्करी और एनडीपीएस के मामले शामिल हैं. 

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महमूद बेग के अवैध निमार्ण पर चला बुलडोजर.

केडीए ने पहले जारी किए थे नोटिस

कोटा विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर शर्मा ने बताया कि इस कार्रवाई के तहत 10 दुकानों को तोड़ा गया है, जिन पर महमूद बेग ने लंबे समय से अतिक्रमण कर रखा था . कार्रवाई से पूर्व नवंबर महीने में दुकान संचालित कर रहे लोगों और महमूद बेग को केडीए  ने नोटिस भी जारी किए थे लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण को नही हटाया गया, इस बीच कोर्ट से मिले आदेश के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया.

कार्रवाई के दौरान पुलिस की मुस्तैदी.

सरकारी जमीन पर बनी दुकानों से कर रहा था हजारों की कमाई

महमूद बेग ने रेलवे कॉलोनी इलाके में सरकारी जमीन पर 20 साल से कब्जा किया हुआ था और वहां बनी 10 से ज्यादा दुकानों का किराया वसूल कर मोटी कमाई कर रहा था. डिप्टी महावीर शर्मा के अनुसार इस मामले में हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा था और वहां से महमूद बेग के खिलाफ फैसला हुआ था . न्यायालय द्वारा बेदखली के हुए आदेश के बाद केडीए ने कार्रवाई कर इस अतिक्रमण को ध्वस्त किया और जमीन को अपने कब्जे में लिया हैं.

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