राजस्थान में एसीबी ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। बूंदी जिले में एसीबी की टीम ने गरड़दा पंचायत समिति के ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) मुकेश बैरवा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी सचिव पर एक ठेकेदार से करीब 15 लाख रुपये के निर्माण कार्य के बिल पास करने और भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में मोटी रकम मांगने का आरोप है.
15 लाख के बिल के बदले मांगे थे साढ़े 4 लाख रुपये
मामले को लेकर एसीबी डीवाईएसपी प्रेमचंद ने बताया कि शिकायकर्ता ठेकेदार ने गरड़दा पंचायत क्षेत्र में पनघट निर्माण का कार्य पूरा किया था. इस निर्माण कार्य के बदले उसका लगभग 15 लाख रुपये के बिल भुगतान बकाया था.जब ठेकेदार ने भुगतान के लिए फाइल प्रक्रिया शुरू की, तो सचिव मुकेश बैरवा ने बिल पास करने की एवज में साढ़े 4 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की मांग रख दी.
आरोप है कि सचिव पिछले करीब दो महीने से ठेकेदार को बिल पास करने के लिए लगातार चक्कर कटवा रहा था और भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर दबाव बना रहा था. ठेकेदार ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर 3 जून को एसीबी बूंदी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई.
1 लाख रुपये पहले ही ले चुका था आरोपी
वही एसीबी टीम के जरिए शिकायत के सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी सचिव ने शिकायतकर्ता से पहले ही 1 लाख रुपये रिश्वत ले चुका था. वह रिश्वत की बची दूसरी किश्त लेने के लिए वह बार- बार पीड़ित पर दवाब बना रहा था.
दूसरी किस्त लेते ही दबोचा
ऐसे में एसीबी टीम ने सचिव को ट्रैप करने की योजना बनाई. शेष राशि की दूसरी किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेने का समय तय किया गया. तय प्लानिंग के तहत एसीबी अधिकारियों ने परिवादी को आरोपी के पास भेजा. जैसे ही सचिव ने अपने आवास पर 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि अपने हाथों में ली, पहले से सतर्क एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया. वही कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपी को हिरासत में ले लिया.
कोतवाली थाने में पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी सचिव को बूंदी कोतवाली थाना परिसर लेकर पहुंची, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है. इसके साथ एसीबी की अन्य टीमें आरोपी के आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर सर्च अभियान चला रही हैं, एसीबी अधिकारी आरोपी की आय, संपत्ति और अन्य लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि पंचायत समिति में विकास कार्यों के बिलों के भुगतान को लेकर लंबे समय से रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं. इस कार्रवाई के बाद पंचायत समिति के कर्मचारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है.
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