Bundi: 15 दिन में 4 मामले, बूंदी हॉस्पिटल सवालों के घेरे में, अब नवजात ने तोड़ा दम, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

Bundi news: परिजनों का आरोप है कि नवजात को बुखार आने पर वे उसे अस्पताल लेकर पहुंचे. लेकिन डॉक्टर ने बिना चेक किए ही दवाई दे दी.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठे परिजन.

Bundi hospital newborn death case: बूंदी जिला अस्पताल में नवजात की मौत पर परिजनों ने शव के साथ धरना दिया. एक बार फिर डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए गए. ऐसा पहली बार नहीं हैं, बल्कि पिछले 15 दिनों में चौथी घटना है. नवजात बालिका की मौत के बाद आक्रोश नजर आ रहा है. गुस्साए परिजन नवजात के शव को लेकर अस्पताल गेट के बाहर बैठ गए और चिकित्साकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की. स्थिति की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से समझाइश का प्रयास किया. 

स्टाफ पर मोबाइल तोड़ने का आरोप

परिजनों ने बताया कि 10 दिसंबर को बूंदी अस्पताल में नवजात का जन्म हुआ, तब मां और बच्चा दोनों पूरी तरह ठीक थे. आज बच्ची को बुखार आने पर वे उसे अस्पताल लेकर पहुंचे. आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बिना चेक किए ही दवाई दे दी. बताया गया कि दवाई देने के कुछ ही देर बाद नवजात की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. 

Advertisement

परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना चाहा तो कर्मचारियों ने उनका मोबाइल भी तोड़ दिया. हॉस्पिटल कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है. 

डॉक्टर के खिलाफ हो चुका है एक्शन

इससे पहले एक प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत के अलावा नवजात की उंगली कटने का मामला भी उजागर हो चुका है. प्रसूता की मौत वाले प्रकरण में परिजनों ने शव रखकर धरना भी दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की और एक डॉक्टर को एपीओ किया गया है. 

लेकिन अब लगातार हो रही घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय निवासी व परिजन अब सख्त कार्रवाई और स्थायी सुधार की मांग कर रहे हैं.

यह भी पढ़ेंः कांग्रेस के पूर्व विधायक बोले- हमें बोलना होगा झूठ, गांधीवादी तरीके से कब तक चलेंगे