Rajasthan News: राजस्थान के बूंदी जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में एक मादा पैंथर की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है. यह घटना इन्द्रगढ़ रेंज के महुवा के देवजी वन क्षेत्र की है जहां गश्त के दौरान वनकर्मियों ने पैंथर को मृत अवस्था में देखा. सूचना मिलते ही पूरे विभाग में हलचल मच गई. वहीं हाल ही में विधानसभा में भी नेता प्रतिपक्ष ने टीकाराम जुली ने मादा पैंथर की मौत का मुद्दा उठाया था,जिससे सदन में बहस छिड़ गई थी.
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
मादा पैंथर का शव मिलने की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. पूरे इलाके को सुरक्षित किया गया ताकि किसी भी तरह के साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके. इसके बाद नियमानुसार जांच प्रक्रिया शुरू की गई.
चोट या शिकार के कोई निशान नहीं
प्राथमिक जांच में पैंथर के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट नहीं पाई गई. न ही संघर्ष के निशान मिले और न ही अवैध शिकार की आशंका सामने आई. इससे यह स्पष्ट हुआ कि मौत के पीछे फिलहाल कोई हिंसक कारण नजर नहीं आ रहा है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई और मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया. एनटीसीए के तय प्रोटोकॉल के तहत पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया. जांच के दौरान शरीर के अंदर भी जहर या हिंसा से जुड़े संकेत नहीं मिले.
बीमारी से मौत की आशंका
मेडिकल बोर्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मादा पैंथर की मौत किसी पुरानी बीमारी के कारण हो सकती है. वन विभाग का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा. रिपोर्ट आने तक सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है.
सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई
पोस्टमार्टम के बाद पैंथर का अंतिम संस्कार तय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया. इस घटना के बाद रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के संबंधित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व राजस्थान का एक महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है जहां पैंथर सहित कई दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं. ऐसे में इस तरह की घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग पूरी सतर्कता के साथ जांच में जुटा हुआ है.