Rajasthan News: राजस्थान के बूंदी जिले में दबलाना थाने से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पुलिस की पारंपरिक छवि को नया अर्थ दिया है. आमतौर पर सख्ती और अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली खाकी ने इस बार संवेदनशीलता और अपनापन दिखाया.
सफाईकर्मी के परिवार के साथ खड़ा हुआ थाना स्टाफ
दबलाना थाने में वर्षों से सफाई का कार्य कर रहे ओमप्रकाश वर्मा के बेटे पंकज कुमार की शादी 18 फरवरी को थी. सीमित आय के बावजूद परिवार अपनी क्षमता अनुसार तैयारियां कर रहा था. ओमप्रकाश ने सादगी से थाना स्टाफ को निमंत्रण दिया था. उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह निमंत्रण उनके परिवार के लिए यादगार बन जाएगा.
मायरा भरकर दिया बहन का मान
थाना प्रभारी प्रिया व्यास ने बताया कि ओमप्रकाश अपनी ईमानदारी और मेहनत से सभी का विश्वास जीत चुके हैं. इसी भावना से प्रेरित होकर स्टाफ ने तय किया कि वे सिर्फ मेहमान बनकर नहीं जाएंगे. प्रशिक्षु डीवाईएसपी निर्मला पांड्या के मार्गदर्शन में सभी पुलिसकर्मियों ने ओमप्रकाश की पत्नी गीता बाई को बहन मानकर मायरा भरने का निर्णय लिया.
कर्मचारियों ने स्वेच्छा से सहयोग राशि एकत्र की. किसी ने छोटी तो किसी ने बड़ी रकम दी. जुटाई गई राशि से साड़ी चुनरी और उपहार खरीदे गए. साथ ही 21 हजार रुपये का नेग भी रखा गया.
भावुक हुआ शादी समारोह
जब वर्दीधारी पुलिसकर्मी एक साथ शादी में पहुंचे तो लोग चौंक गए. मायरे की रस्म के दौरान गीता बाई को चुनरी ओढ़ाई गई और नेग भेंट किया गया. इस दृश्य ने माहौल को भावुक बना दिया. गीता बाई ने सभी का तिलक कर आशीर्वाद दिया. उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे.
समाज में गया सकारात्मक संदेश
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की. उप सरपंच सुरेंद्र गौतम ने कहा कि ऐसे कदम पुलिस और समाज के रिश्तों को मजबूत करते हैं. दबलाना पुलिस की इस पहल ने साबित कर दिया कि खाकी के पीछे एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है.
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