चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन पुलिस ने 2 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल बीमा घोटाले में डॉ. सुग्रीव मीणा को गिरफ्तार किया. डॉ. सुग्रीव राजकीय उप जिला चिकित्सालय में कार्यरत है. उसे फर्जी बीमा क्लेम के मामले में गिरफ्तार किया गया है. केयर हेल्थ इंश्योरेंस की ओर से कपासन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. करंट लगने से मरीज की मौत के प्रकरण में कंपनी ने जांच की थी. 2 साल पुराने केस की पड़ताल में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिसके बाद मौत की पूरी कहानी पलट गई. डॉक्टर का झूठ पकड़ा गया और अब वो सलाखों के पीछे है. इस मामले में पुलिस मृतक के बेटे नारायणलाल जाट को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. अब इस संगठित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है.
खेत में करंट की झूठी कहानी रची
मृतक को तड़के 3 बजे अस्पताल लाया था और फिर उसकी मौत बताई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट लगने को वजह बताया गया था. जांच में पता चला कि मृतक की मौत की वजह कुछ और थी. काफी पड़ताल करने के बाद टीबी की बीमारी का खुलासा हुआ.
इंश्योरेंस कंपनी ने मामले की शिकायत साल 2024 में दर्ज करवाई थी. इसके बाद से आंतरिक जांच जारी थी. पुलिस जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के समय, मेडिकल तथ्यों और मौत के असली कारणों में गंभीर हेरफेर व विरोधाभास पाया गया.
डॉक्टर ने सच जानते हुए भी तैयार की गलत रिपोर्ट
पुलिस ने मुताबिक, आरोपी डॉक्टर ने वास्तविक तथ्यों को जानते हुए भी झूठी रिपोर्ट तैयार की. इस मामले में मृतक का बेटा नारायण लाल जाट भी शामिल था. उसने भी बीमा राशि के लिए सच छुपाया. पुलिस को शक है कि इस फर्जीवाड़े में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी डिटेल खंगाली जा रही है.
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