Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर ग्रामीण स्थित चौमूं में तनावपूर्ण शांति के बीच प्रशासन ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. 25 दिसंबर की रात को बस स्टैंड क्षेत्र में हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद, अब नगर परिषद ने अतिक्रमणकारियों और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई (Bulldozer Action) की शुरुआत कर दी है.
तीन नोटिस के बाद शुरू हुई कार्रवाई
नगर परिषद चौमूं ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है. प्रशासन ने नियमों का पालन करते हुए संबंधित दुकानदारों और मकान मालिकों को तीन बार नोटिस जारी किए थे. प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने और जवाब पेश करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था. डेडलाइन समाप्त होने के बाद भी जब कई मामलों में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तब आयुक्त नगर परिषद के नेतृत्व में बुलडोजर दस्ते ने इलाके में प्रवेश किया. हालांकि,कानून व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा जांच के चलते कार्रवाई को बीच में कुछ समय के लिए रोका भी गया है.
मस्जिद के बाहर रेलिंग और पत्थरबाजी
पूरा विवाद 25 दिसंबर की रात को तब शुरू हुआ जब मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. इसके बाद भारी पत्थरबाजी हुई, जिससे पूरे चौमूं में तनाव फैल गया. प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए ‘ऑपरेशन क्लीन' शुरू किया है, जिसके तहत उन अवैध रैंपों, सीढ़ियों और दुकानों को चिन्हित किया गया है जो सड़क सीमा में अतिक्रमण कर बनाई गई हैं.
अवैध मीट दुकानों पर प्रशासन का हंटर
नगर परिषद द्वारा जारी ताजा नोटिसों (दिनांक 02/01/2026) के अनुसार, कुरेशी लियाकत अली जैसे कई संचालकों को अवैध मीट की दुकानें संचालित करने और सड़क पर अवैध रैंप/सीढ़ियों के निर्माण के लिए चेतावनी दी गई है. नोटिस में लिखा था, 'बिना स्थान स्वीकृति के अवैध मीट/नॉनवेज की दुकान संचालित करना और सड़क सीमा में निर्माण करना कानूनन अपराध है. यदि 3 दिन के भीतर इन्हें नहीं हटाया गया, तो राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत दुकानें सीज कर दी जाएंगी और ध्वस्तीकरण का खर्च भी संचालक से वसूला जाएगा.'
पूर्व विधायक बोले- 'नजीर बनेगा यह एक्शन'
चौमूं के पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने इस प्रशासनिक कार्रवाई का पुरजोर स्वागत किया है. NDTV राजस्थान से बातचीत में उन्होंने कहा, 'पत्थरबाजी के बाद आज हो रहा यह बुलडोजर एक्शन स्वागत योग्य है. यह उन लोगों की सोच और हिम्मत पर प्रहार है जो कानून को चुनौती देते हैं. यह कार्रवाई पूरे राजस्थान के लिए एक नजीर साबित होगी.'
डीसीपी वेस्ट खुद संभाल रहे सुरक्षा की कमान
इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है. डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा और एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता खुद मौके पर मौजूद हैं. पुलिसकर्मी सिर पर हेलमेट, लाठी और सेफ्टी जैकेट पहनकर चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं. पूरे विवादित क्षेत्र में सन्नाटा है और अधिकांश दुकानों पर ताले लटके हुए हैं. बुलडोजर एक्शन शुरू होने के बाद कुछ लोग हाथ जोड़कर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाते नजर जरूर आए लेकिन प्रशासन ने अपनी कार्रवाई जारी रखी.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)Q1. चौमूं में बुलडोजर कार्रवाई क्यों की जा रही है?
उत्तर: 25 दिसंबर को हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति के संचालित हो रही दुकानों के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन' चलाया है. नगर परिषद के मुताबिक, यह कार्रवाई सड़क सीमा में अवैध निर्माण हटाने के लिए की जा रही है.
Q2. क्या प्रशासन ने कार्रवाई से पहले कोई नोटिस दिया था?
उत्तर: हां, नगर परिषद ने कुल तीन नोटिस जारी किए थे. अंतिम नोटिस की समय सीमा 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई थी, जिसके बाद संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई शुरू की गई.
Q3. पत्थरबाजी की घटना कब और क्यों हुई थी?
उत्तर: पत्थरबाजी की घटना 25 दिसंबर की रात को चौमूं बस स्टैंड क्षेत्र में मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी.
Q4. अवैध मीट की दुकानों को लेकर नोटिस में क्या कहा गया है?
उत्तर: नगर परिषद आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि बिना स्थान स्वीकृति और बिना लाइसेंस के मीट की दुकानें चलाना अवैध है. साथ ही दुकानों के बाहर सड़क पर बने रैंप और सीढ़ियों को 3 दिन में हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है.
Q5. वर्तमान में चौमूं में सुरक्षा की क्या स्थिति है?
उत्तर: क्षेत्र में भारी पुलिस जाब्ता तैनात है. डीसीपी वेस्ट और एडिशनल डीसीपी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन व्यापारिक गतिविधियां अस्थायी रूप से प्रभावित हैं.
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