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सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा वीबी-जी राम जी एक्ट से राजस्थान को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ, पूरा होगा 2047 का विजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत फर्जी और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताओं को रोकने के लिए कोई सशक्त प्रणाली नहीं थी.

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा वीबी-जी राम जी एक्ट से राजस्थान को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ, पूरा होगा 2047 का विजन
सीएम भजनलाल शर्मा

Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि कांग्रेस शासनकाल की मनरेगा की विफलताओं का अंत अब विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम 2025 से हो गया है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को सीएमओ में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह नया कानून ग्रामीण रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि गांवों के समग्र विकास और विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ता है. मुख्यमंत्री ने कहा इससे ग्रामीण रोजगार नीति को एक स्पष्ट विकास रोडमैप मिलेगा और राजस्थान को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.

उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार की गारंटी था, लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान कमजोर प्रशासनिक नियंत्रण और भ्रष्टाचार के कारण यह योजना अपने लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर सकी. गांवों में कराए गए अधिकांश कार्य अस्थायी रहे और उन्हें समग्र विकास योजनाओं से नहीं जोड़ा गया. अस्थायी सड़कें, अधूरी जल संरचनाएं और बिना योजना के कराए गए मिट्टी के काम लंबे समय तक उपयोगी साबित नहीं हुए.

मनरेगा की खामियां गिनाई 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत फर्जी और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताओं को रोकने के लिए कोई सशक्त प्रणाली नहीं थी. ऑडिट केवल औपचारिकता बनकर रह गया. प्रशासनिक व्यय की सीमा मात्र छह प्रतिशत होने से पर्याप्त स्टाफ, निगरानी और तकनीकी क्षमता विकसित नहीं हो पाई. बेरोजगारी भत्ता और विलंबित भुगतान पर मुआवजे जैसे प्रावधान भी व्यवहार में प्रभावी नहीं हो सके.

वीबी-जी राम जी में मनरेगा की खामियां दूर

सीएम ने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 में इन सभी खामियों को दूर किया गया है. अब ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की कानूनी गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे किसान खेती और मजदूरी दोनों पर निर्भर रहते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यों को बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिनों तक का कार्य विराम घोषित करने का अधिकार दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका अवसंरचना और जलवायु संरक्षण से जुड़े ठोस और टिकाऊ कार्य कराए जाएंगे. गांव स्तर पर योजनाएं पहले तैयार होंगी और फिर उन्हें ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा. यह पूरा ढांचा प्रधानमंत्री गति शक्ति के साथ एकीकृत होगा.

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, लाइव डैशबोर्ड, डिजिटल निगरानी और एआई आधारित टूल्स का उपयोग किया जाएगा. हर छह माह में अनिवार्य सामाजिक ऑडिट होगा. शिकायतों के निस्तारण के लिए निश्चित समय सीमा वाली बहुस्तरीय डिजिटल प्रणाली और जिला लोकपाल की व्यवस्था की गई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक रूप से अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक की देरी होने पर स्वतः मुआवजा मिलेगा. योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत की गई है, जिससे स्टाफिंग, प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता को मजबूत किया जा सकेगा.

कांग्रेस कर रही दुष्प्रचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस ऐतिहासिक सुधार को लेकर दुष्प्रचार कर रही है, जबकि यह सहकारी संघवाद का मजबूत मॉडल है, जिसमें केंद्र और राज्य की साझा भागीदारी से जवाबदेही तय होती है. उन्होंने कहा कि नए कानून से काम कम नहीं होगा, बल्कि गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार योजनाबद्ध और दीर्घकालिक कार्य होंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के भ्रामक आरोपों को तथ्यों के साथ जनता के सामने रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाए गए वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 की खूबियों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए.

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