Rajasthan News: राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा बंद होने से हजारों परिवारों पर संकट छा गया है. सरकार की लापरवाही और कंपनी की बेईमानी ने 1200 कर्मचारियों को बेरोजगार बना दिया. अब ये कर्मचारी आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं.
सेवा बंद होने का कारण
प्रदेश में चल रही 600 से ज्यादा 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंसों का संचालन 10 दिसंबर 2025 को अचानक रुक गया. वजह थी चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की ढिलाई. कंपनी मॉडर्न इमरजेंसी सर्विसेज का स्टेट टेंडर खत्म हो गया लेकिन समय पर नया टेंडर नहीं लगाया गया.
नतीजा ये हुआ कि ये एंबुलेंस सड़कों से गायब हो गईं और गर्भवती महिलाओं समेत जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधा से वंचित होना पड़ा. राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि ये फैसला बिना सोचे-समझे लिया गया जिससे कर्मचारियों की जिंदगी उथल-पुथल हो गई.
बकाया वेतन की समस्या
2020 से 2025 तक सेवा संचालित करने वाली मॉडर्न इमरजेंसी सर्विसेज ने कर्मचारियों को सितंबर अक्टूबर और नवंबर के तीन महीनों का वेतन तक नहीं दिया. कुल बकाया राशि 4 करोड़ 58 लाख 28 हजार रुपए है.
शेखावत ने कहा कि वेतन न मिलने से कर्मचारियों के परिवार भुखमरी की कगार पर हैं. कई लोग कर्ज लेकर गुजारा कर रहे हैं. घर चलाना मुश्किल हो गया है और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हुई है. कंपनी की ये हरकत न सिर्फ अनुचित है बल्कि कानूनी रूप से भी गलत है.
आंदोलन की तैयारी
इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए 12 दिसंबर 2025 को जयपुर के सांगा मैरिज पैलेस रावणगेट झोटवाड़ा में दोपहर 1 से 4 बजे तक कर्मचारियों की बड़ी बैठक हुई. यहां प्रदेश भर से आए 104 जननी एक्सप्रेस के पूर्व कर्मचारी जुटे. बैठक में सरकार और पूर्व संचालक कंपनी के खिलाफ आंदोलन की ठोस रणनीति बनाई गई.
शेखावत ने चेतावनी दी कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो बड़ा प्रदर्शन होगा. कर्मचारी न्याय की मांग कर रहे हैं जिसमें सेवा बहाल करना बकाया वेतन दिलाना और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई शामिल है. ये आंदोलन स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्था को उजागर करेगा और आम लोगों को भी प्रभावित कर सकता है.
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