अजमेर में बोराड़ा के पूर्व सरपंच परिवार से जुड़े सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला ने बड़ा खुलासा किया है. जिस घटना को शुरुआत में कार में आग लगने की दुर्घटना माना जा रहा था, वह अब एक खौफनाक पारिवारिक साजिश बनकर सामने है. पुलिस जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच परिवार की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के ही सदस्यों ने की है.
पहली पत्नी और बेटा-बेटा ने हत्या की
मामले में रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता, उसकी बेटी और नाबालिग बेटे ने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया है. पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि पुराने पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश के चलते आरोपियों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.

हत्या के बाद कार में शव रखकर जला दिया.
धारदार हथियार से किया हमला
आरोपियों ने पहले रामसिंह, उसकी मां पूर्व सरपंच पूसी देवी, दूसरी पत्नी सुरज्ञान और भांजी महिमा पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला किया. हमला इतना बेरहम था कि चारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से चारों शवों को स्कॉर्पियो कार में डाला और फार्म हाउस से करीब 500 मीटर दूर ले जाकर कार को आग के हवाले कर दिया, ताकि मामला हादसा नजर आए.
पुलिस ने हथियार बरामद किए
घटनास्थल पर मिले अहम सुराग, शवों की स्थिति और पुलिस की सख्त पूछताछ ने पूरी साजिश की परतें खुल गई. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य सबूत भी बरामद कर लिए. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे बोराडा और आसपास के इलाके में भारी सनसनी फैल गई है. हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि रिश्तों की दीवारों के भीतर ही इतना खूनी खेल खेला गया. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है.
आज सुबह पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, मां पूसी देवी, दूसरी पत्नी सुरज्ञाान भांजी महिला की लाश घर से 5 सौ मीटर की दूरी पर स्काॅर्पियो में जली हुई मिली थी.
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