VIDEO: रोज साड़ी दुकान में घंटों बैठती है गाय, दुकानदार बोले- गृह क्लेश खत्म हुआ, बेटी को मिली नौकरी!

Cow Sitting in Saree Shop: एक गाय रोज साड़ी दुकान में घंटों बैठती है. दुकानदार इसे गो-माता की कृपा बताते हैं. दुकानदार का कहना है कि जब से गाय दुकान में आकर बैठने लगी, गृह क्लेश दूर हो गया, बेटी को भी सरकारी नौकरी मिली.

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साड़ी दुकान में बैठी गाय.
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Cow in Saree Shop Video: ऊपर तस्वीर में एक गाय साड़ी दुकान में बैठी नजर आ रही है. गाय के साड़ी दुकान में एक दिन बैठने की बात होती तो इसे इतफाक समझा जा सकता था. लेकिन दुकानदार का कहना है कि बीते तीन महीने  से हर रोज ये गाय दुकान पर आती है. ग्राहकों के लिए लगाए गए गद्दे पर 2-3 घंटे बैठती है और फिर चली जाती है. इस दौरान ग्राहक भी दुकान पर आते हैं. दुकानदार साड़ियों की बिक्री भी करते हैं. गाय चुपचाप बैठी रहती है. कुछ देर बाद वापस चली जाती है. साड़ी दुकान में गाय के हर रोज बैठने की इस घटना से आस-पास में कौतुहल है. कुछ लोग इसे गो-माता की कृपा बता रहे हैं.  

गाय के साड़ी दुकान में हर रोज बैठने की यह घटना राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन सिटी से सामने आई है. यहां वीआईपी कॉलोनी में एक साड़ी दुकान है. जहां यह गाय हररोज 2-3 घंटे बैठा करती है. 

दुकान पर डेढ़ साल से आ रही गाय

दुकान संचालक राजेंद्र ने बताया कि हमारी दुकान पुरानी दुर्गा टॉकीज के पास वीआईपी कालोनी में है. हमारी दुकान कई साल से है. यह गाय तकरीबन डेढ़ वर्ष से आ रही है, पहले जब यह आया करती थी तब कुछ चारा खिला देते थे फिर वो चली जाती थी. लेकिन बीते एक सप्ताह से गाय दुकान में आकर गद्दे पर बैठने लगी. 

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साड़ी दुकान में बैठी गाय को गोभी खिलाते दुकानदार, आस-पास बैठे दुकानदार व अन्य.

पत्नी ने गाय को भगाने से किया मना

दुकानदार राजेंद्र ने बताया कि मेरी पत्नी ने कहा कि इसे दुकान से भगाओ नहीं. जब तक बैठी रहती है, बैठी रहने दो. साड़ी दुकानदार ने बताया कि गाय के रोज आने से हमारे घर का झगड़ा शांत हुआ है. कुछ दिनों पहले बेटी को भी सरकारी नौकरी लगी. 

बीते 5-7 दिन से दुकान में आकर बैठ रही गाय

उन्होंने आगे बताया कि यह गाय बीते 5-7 दिनों से तो दुकान में अन्दर आकर गद्दी पर बैठ जाती है. फिर वहीं भोजन करती है, सुबह शाम 2-3 घंटे तक बैठकर चली जाती है. अगर दुकान किन्ही कारणों से बंद होती है तो गाय दुकान की शटर को खटखटाकर वापस चली जाती है. साड़ी दुकान के संचालक राजेंद्र ने बताया कि गाय के रोजाना आने से हमारे गृह क्लेश तो दूर हुए ही, सबसे बड़ी बात तो ये है कि हमारी बिटिया की एक्साईज डिपार्टमेंट में नौकरी भी लगी. 

गाय के दुकान में बैठने की घटना दुकानदार के लिए आस्था से जुड़ा मामला है. लेकिन कई लोग इसे अंधविश्वास भी बता रहे हैं. कुछ लोगों ने बताया कि रोज दुकान में खाने का सामान मिलने से गाय उस दुकान और उसके दुकानदार को पहचानने लगी है. 

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