डकैत जगन गुर्जर की अजमेर सेंट्रल जेल में हत्या, कभी CM वसुंधरा के महल को उड़ाने की दी थी धमकी

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई है. डकैत जगन पर 123 संगीन मामले दर्ज थे. 2008 में उसने गुर्जर आंदोलन के दौरान त्तकालीन सीएम वसुंधरा राजे को धौलपुर पैलेस उड़ाने की धमकी दी थी.

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डकैत जगन गुर्जर
NDTV

 राजस्थान के चंबल बीहड़ों से लेकर सूबे की सियासत में अपने खौफ और बयानों से हड़कंप मचाने वाले कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की सोमवार को अजमेर जेल में हत्या की खबर फैलते ही जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला सहित पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी तुरंत जेल परिसर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की गहन समीक्षा की. एहतियात के तौर पर जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है. साथ ही सीएफएसएल की टीम को मौके पर बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम किया जा रहा है.

मौत के हर एंगल की बारीकी से कर रही है जांच

डकैत जगन गुर्जर की मौत किन परिस्थितियों में हुई इसे लेकर  SPहर्षवर्धन अग्रवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि  कुलदीप जगिना हत्याकांड के आरोपी विष्णु गुर्जर ने जगन गुर्जर की हत्या की है. दोनों एक ही जेल की सेल में बंद थे. मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की जांच के लिए एफएसएल की टीम को तुरंत मौके पर बुलाकर  साक्ष्य जुटाए गए  हैं. जहां जगन की मौत हुई है. मामले को लेकर अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल पुलिस  मौत के हर पहलू की गहन जांच कर रही है. साथ ही हत्या सहित अन्य संभावित एंगल को भी जांच में शामिल किया गया है.

कभी दी थी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के महल को उड़ाने की धमकी

चंबल के बीहड़ों का बादशाह कहलाने वाला जगन गुर्जर, मूल रूप से धौलपुर के बसई डांग का रहने वाला था. साल 1994 में अपने जीजा की बेरहमी से गोली मारकर हत्या होते देख कानून पर से भरोसा उठा जिसके बाद उसने अपने चार भाइयों के साथ मिलकर अपनी एक गैंग बनाई, और यहीं से उसके चंबल का खूंखार डाकू बनने कासफर शुरू हुआ. 

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इसके बाद, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमाओं में सालों तक सिर्फ उसका खौफ गूंजता रहा. रंगदारी, अंधाधुंध फायरिंग और आर्म्स एक्ट जैसे 123 से अधिक गंभीर मामले उस पर दर्ज थे. साल 2008 में जब गुर्जर आंदोलन चरम पर था, तब उसने सीधे उस समय तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे को उनके धौलपुर पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी दे डाली थी.  इसके बाद डकैत जगन पर ग्यारह लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था.

2022 से अजमेर की जेल में था बंद

पूर्व सीएम राजे के महल को बम से उड़ाने की धमकी के बाद जगन को पकड़ने के लिए पुलिस ने दबाव बढ़ा दिया. पुलिस से घबरा कर जगन गुर्जर ने 31 जनवरी 2009 को कैमरी गांव में राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. वर्ष 2022 में बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक गिर्राज मलिंगा को धमकी देने के बाद जगन गुर्जर फिर से सुर्खियों में आ गया है और पुलिस ने जगन पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया. पुलिस के दबाव को देखते हुए जगन गुर्जर ने 7 फरवरी 2022 की देर शाम को करौली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था

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