राजस्थान में दलित शब्द अब सरकारी रिकॉर्ड से बाहर हो जाएगा. इसके लिए बाकायदा निर्देश जारी किया गया है. राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक पत्राचार में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 'दलित' शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही इसकी जगह अब पूरी तरह से हिंदी में “अनुसूचित जाति” और अंग्रेज़ी में “Scheduled Caste” शब्द के इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है. सरकारी रिकॉर्ड में दलित शब्द के इस्तेमाल पर रोक का निर्देश अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (विविध प्रकोष्ठ एवं एससी) की तरफ से जारी किया गया है.
केंद्र सरकार के निर्देश का हवाला
विविध प्रकोष्ट, जयपुर के पुलिस अधीक्षक ने इस आदेश की पालना के लिए सभी पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है. आदेश में राज्य सरकार के गृह विभाग और केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी पूर्व निर्देशों का हवाला दिया गया है.
अब अंग्रेजी में लिखा जाएगा Scheduled Caste
निर्देश के अनुसार, सरकारी फाइलों, अभिलेखों, पत्राचार, आवेदन पत्रों, प्रमाण पत्रों, मानपत्रों और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए केवल “अनुसूचित जाति” या अंग्रेज़ी में “Scheduled Caste” शब्द का ही प्रयोग किया जाएगा. अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसी का उपयुक्त अनुवाद इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं.

राजस्थान पुलिस ने सभी अधीनस्थ कार्यालयों और इकाइयों को आदेश का कड़ाई से पालन करने और भविष्य में आधिकारिक कार्यों में निर्धारित शब्दावली का ही उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
शिक्षा विभाग में रेड या छापे के इस्तेमाल पर रोक
इससे पहले गुरुवार को शिक्षा विभाग की तरफ से ऐसे ही शब्दों के इस्तेमाल को लेकर एक आदेश जारी किया गया था. शिक्षा विभाग ने प्रदेश के स्कूलों के निरीक्षण के बाद प्रेस रिलीज में छापे या रेड जैसे शब्द के इस्तेमाल पर रोक के निर्देश दिए थे. विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि स्कूलों के निरीक्षण के बाद प्रेस रिलीज या मीडिया में दिया बयानों में शिक्षकों के लिए छापे या रेड जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करें.
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