राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महत्वाकांक्षी रामजल सेतु लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि परियोजना का लाभ तय समय-सीमा से पहले आमजन तक पहुंचना चाहिए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के जल भविष्य को सुरक्षित करने की ऐतिहासिक पहल है. इससे लाखों लोगों को पेयजल, सिंचाई और उद्योगों के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा.
आर्थिक विकास की आधारशिला बनेगी परियोजना
मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि रामजल सेतु परियोजना केवल जल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वी राजस्थान के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की आधारशिला बनेगी. समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बीसलपुर-मोर सागर, ईसरदा-बंध बरेठा, ईसरदा-रामगढ़, खुरा-चैनपुरा-जयसमंद और ब्राह्मणी बैराज सहित विभिन्न घटकों की प्रगति की जानकारी ली.
उन्होंने प्रत्येक पैकेज की नियमित निगरानी, मासिक प्रगति रिपोर्ट और समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए. साथ ही परियोजना प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता से पूरी करने पर भी जोर दिया. बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रगति पर हैं.
8 किमी फीडर नहर का निर्माण पूरा
अधिकारियों ने बताया कि नवनेरा बैराज से मेज एनीकट तक बनने वाली 19 किलोमीटर फीडर नहर में से करीब 8 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है. वहीं, 2,330 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे चंबल एक्वाडक्ट में 5,060 पाइलों में से लगभग 3,700 पाइलों का कार्य पूरा किया जा चुका है. इस एक्वाडक्ट के माध्यम से नवनेरा बैराज का पानी मेज नदी तक पहुंचाया जाएगा, जहां से पम्प हाउस और फीडर सिस्टम के जरिए गलवा, बीसलपुर और ईसरदा बांध तक जल पहुंचाया जाएगा.
सरकार के अनुसार संशोधित रामजल सेतु लिंक परियोजना की अनुमानित लागत करीब 90 हजार करोड़ रुपये है. प्रथम चरण में प्रदेश के 17 जिलों की करीब 3.25 करोड़ आबादी को पेयजल सुविधा मिलेगी. इसके अलावा सिंचाई और उद्योगों के लिए भी जल उपलब्ध होने से पूर्वी राजस्थान के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.
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