Rajasthan Borewell Accident: बोरवेल में फंसे 5 साल के मासूम को 56 घंटे बाद बाहर निकाला, मां की बिगड़ी तबीयत

Dausa Borewell Accident: करीब 50 घंटे से ज्यादा चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 5 वर्षीय आर्यन को देर रात बाहर निकाल लिया गया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
बोरवेल में 3 दिन से फंसा आर्यन

Dausa Borewell Accident: राजस्थान के दौसा में बोरवेल में गिरे 5 वर्षीय आर्यन को आज तीन दिन बीत गए. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम उसे बोरवेल से निकालने की कई कोशिश की गई. मगर सफलता हाथ नहीं लगी. आखिरकार पाइलिंग मशीन के जरिए बोरवेल के पास ही 155 फीट का नया गड्ढा खोदकर बुधवार देर रात आर्यन को बाहर निकाल लिया गया है. उधर आर्यन को निकालने के लिए कई प्रयास फेल होने के बाद आज दिन में उसकी मां की तबियत बिगड़ गई थी. 

'रिंग' डालकर निकालने की कोशिश फेल

मंगलवार की देर रात को बोरवेल में 'रिंग' डालकर हाथ-पैर में रस्सी फंसाकर आर्यन को बाहर निकालने की कोशिश हुई. लेकिन ठीक से रस्सी के पकड़ नहीं बना पाने से सफलता हाथ नहीं लगी. एक के बाद एक कई प्रयास असफल होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेश में जुटी टीम ने पाइलिंग मशीन से गड्ढा खोदा गया. 155 फीट गहरी और 4 फीट चौड़ी सुरंग खोदी गई, जिसमें लोहे के पाइप का इस्तेमाल किया गया.

Advertisement

बच्चे की मूवमेंट पर बोले कलेक्टर

वहीं, मौके पर मौजूद लोग और परिवार बच्चे की सलामती की दुआ करते नजर आए. डांढा ढाणी में करीब 56 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज देर रात आर्यन को बाहर निकाला जा सका. उसे बाहर निकालने के तुरंत बाद एंबुलेंस से मेजिरल चेकअप के लिए दौसा अस्पताल भेजा गया. वहीं, रेस्क्यू ऑपरेशन के तीसरे दिन आर्यन की मां ने प्रशासन पर खानापूर्ति का आरोप लगाया था. इस दौरान मां की तबियत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है. जिस दिन बोरवेल में आर्यन गिरा था. उस दिन उसकी मूवमेंट पता करने के लिए बोरवेल में कैमरा डाला गया था, जिसमें उसकी मूवमेंट नजर आई थी.

Advertisement

Advertisement

खेलते समय गिरा था आर्यन

बता दें कि दौसा के कालीखाड में  09 दिसबंर को दोपहर 3 बजे खेलते समय अचानक से पैर फिसने पर 5 वर्षीय आर्यन घर के पास बने 150 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था. बच्चे के पिता के मुताबिक, इस बोरवेल को 3 साल पहले खुदवाया गया था. हालांकि, इसका उपयोग नहीं किया जा रहा था और यह खुला हुआ पड़ा था.

यह भी पढ़ें- दौसा में 5 महीने में 4 बार हुआ बोरवेल हादसा, रेस्क्यू मिशन में कितनी बार मिली सफलता