Rajasthan News: राजस्थान के दौसा जिले में साइबर ठगों ने एक बेहद शातिर तरीके से युवाओं को निशाना बनाया है. मामला तब सामने आया जब खुद भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के पोते समेत दो दर्जन से अधिक युवक ठगी का शिकार हो गए. आरोपियों ने फोन पर खुद को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय का अधिकारी बताकर युवाओं को लिपिक सहायक (लिपिक लेवल-सी) पद पर नौकरी दिलाने का सपना दिखाया. इस झांसे में आकर दर्जनों बेरोजगार युवा अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे.
कैसे बनाया युवाओं को अपना शिकार
ठगी की यह पूरी कहानी सुनियोजित तरीके से रची गई थी. आरोपी ने भाजपा के पूर्व प्रधान सुबुद्धि राम मीणा के पोते को फोन कर विश्वास में लिया. आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी भर्ती विज्ञप्ति भेजी, जिससे किसी को शक न हो.
इसके बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर प्रति अभ्यर्थी 1000 रुपये वसूले गए. इतना ही नहीं, एसबीआई में वेतन खाता खुलवाने का बहाना बनाकर हर युवक से अतिरिक्त 4350 रुपये भी जमा करवाए गए. इस तरह 26 युवाओं से हजारों रुपये की अवैध वसूली की गई.
कलेक्ट्रेट पहुंचते ही खुली पोल
ठगों ने सभी युवाओं को 22 जून को दौसा जिला कलेक्ट्रेट में रिपोर्ट करने को कहा था. वहां एकता तिवाड़ी नाम की एक कथित अधिकारी से मिलने का निर्देश दिया गया था. नियुक्ति पत्र मिलने की उम्मीद में जब सभी युवा कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि वहां ऐसी कोई अधिकारी कार्यरत ही नहीं है. जब उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यालय से संपर्क किया, तो वहां से भी भर्ती की बात को सिरे से खारिज कर दिया गया.
पुलिस की जांच जारी
इस मामले में बैजूपाड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस की प्राथमिक जांच में आरोपी की पहचान चूरू निवासी राजकुमार जांगिड़ के रूप में की गई है. पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया था.
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