दौसा से फरीदाबाद तक फैला जाली नोटों का जाल, 40 हजार के नकली नोटों ने खोला एनसीआर का बड़ा राज

राजस्थान की दौसा पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में मौके से नकली नोट छापने का प्रिंटर और उपकरण बरामद हुए हैं

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

Rajasthan News: नकली नोटों  के काले कारोबार के खिलाफ राजस्थान पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. दौसा जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए हरियाणा के फरीदाबाद से इस रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने फरीदाबाद के बसंतपुर गांव में छापेमारी कर आरोपी को उस वक्त दबोचा, जब वह अपनी 'करेंसी प्रिंटिंग मशीनरी' समेटकर फरार होने की फिराक में था. मौके से पुलिस ने नकली नोट छापने वाला हाईटेक प्रिंटर, कटर, अन्य उपकरण और कुछ संदिग्ध नकली नोट भी जब्त किए हैं.

आयुष मीणा की गिरफ्तारी से खुला 'राज'

इस बड़े नेटवर्क के खुलासे की कहानी दौसा से शुरू हुई थी। दौसा कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले पुलिस ने आयुष मीणा नामक एक युवक को संदिग्ध हालत में गिरफ्तार किया था. तलाशी लेने पर उसके पास से $40,000$ रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद हुए थे.

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शुरुआती तफ्तीश में सामने आया कि आयुष इन नकली नोटों को असली करेंसी के बदले बेहद कम दामों (कमीशन) पर खरीदकर बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने जब आयुष को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो इस रैकेट की कड़ियां एक-एक कर जुड़ने लगीं.

 करावपुरा से जुड़ा दूसरा लिंक, फिर दिल्ली पहुंची पुलिस

आयुष मीणा से मिले सुरागों के आधार पर दौसा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजस्थान के ही करावपुरा क्षेत्र में दबिश दी. यहां से पुलिस ने कुलदीप गुर्जर नामक एक और आरोपी को धर दबोचा. जब आयुष और कुलदीप को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई, तो पुलिस के हाथ इस नेटवर्क के मुख्य ठिकाने का इनपुट लगा, जिसके तार सीधे देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (NCR) से जुड़े हुए थे.

फरीदाबाद के बसंतपुर में आधी रात को छापेमारी

दौसा पुलिस की एक विशेष टीम इनपुट्स को ट्रैक करते हुए दिल्ली पहुंची और वहां से तकनीकी सर्विलांस के जरिए फरीदाबाद के बसंतपुर गांव की गली नंबर-1 में स्थित एक मकान को चिह्नित किया गया. यहां एक किराए के मकान में 32 वर्षीय संतोष रह रहा था, जो इस पूरे गिरोह के लिए नोट छापने का काम करता था.

फरार होने की तैयारी में था आरोपी

पुलिस टीम ने जब बसंतपुर वाले ठिकाने पर घेराबंदी की, तो आरोपी संतोष को भनक लग चुकी थी. वह नकली नोट छापने वाले प्रिंटर, केमिकल, विशेष कागज और उपकरणों को एक गाड़ी में लादकर शहर छोड़ने की तैयारी में था. लेकिन मुस्तैद राजस्थान पुलिस ने समय रहते उसे दबोच लिया.

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 कई राज्यों में फैले हैं तार, बड़े खुलासे की उम्मीद

दौसा कोतवाली पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी संतोष, कुलदीप और आयुष से संयुक्त पूछताछ कर रही है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह केवल राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इनके तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं.

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