Rajasthan News: क्या आप जानते हैं कि मेवात की पहाड़ियों और जंगलों में बैठकर कुछ लोग आपके बैंक खाते पर नजर गड़ाए हुए हैं? राजस्थान के डीग जिले की पुलिस ने ऐसे ही 'डिजिटल लुटेरों' के खिलाफ 'ऑपरेशन एंटीवायरस' चलाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. एसपी कंबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में पुलिस ने शुक्रवार आधी रात को पहाड़ी और कैथवाड़ा के जंगलों में रेड मारकर 7 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है.
कैसे फंसाते थे जाल में?
ये ठग सोशल मीडिया पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं और फिर लोगों को हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन (न्यूड वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करना) के जाल में फंसाते हैं. इसके अलावा OLX पर सस्ते सामान का लालच देकर और फर्जी QR कोड भेजकर भी लोगों की जमा-पूंजी लूट ली जाती है. पकड़े गए आरोपियों में 4 किशोर भी शामिल हैं, जो तकनीक का गलत इस्तेमाल कर ठगी कर रहे थे.
लाखों के ट्रांजैक्शन का खुलासा
पुलिस ने ठगों के पास से 12 स्मार्टफोन और 16 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं. इन मोबाइल फोनों की जांच में लाखों रुपये के लेन-देन (ट्रांजैक्शन) के सबूत मिले हैं. ये ठग फर्जी सिम का इस्तेमाल कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकते थे, लेकिन तकनीक और घेराबंदी के आगे इनकी एक न चली.
ठगी से बचने के लिए क्या करें?
पुलिस ने आम जनता के लिए ये जरूरी सलाह जारी की है:-
किसी भी अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को न उठाएं.
पैसे पाने के लिए कभी QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती, इसे सिर्फ पैसे भेजने के लिए इस्तेमाल करें.
अगर आप ठगी का शिकार हो जाएं, तो बिना डरे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें.
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