दिल्ली से राजस्थान जाना हुआ महंगा, रेलवे ने फिर बढ़ाया किराया 

भारतीय रेलवे ने चुनिंदा दूरी और श्रेणियों पर किराए में मामूली बढ़ोतरी की है. उपनगरीय ट्रेनें और मासिक सीजन टिकट सुरक्षित रहेंगे, जबकि लंबी दूरी और मेल-एक्सप्रेस यात्राओं पर हल्का अतिरिक्त शुल्क लागू होगा. 

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

Rajasthan News: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और ट्रेन किराए में बढ़ोतरी की है. यह बदलाव सभी पर लागू नहीं होगा बल्कि चुनिंदा दूरी और श्रेणियों पर ही असर डालेगा. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जिससे आम आदमी पर बोझ कम पड़े. आइए जानते हैं क्या-क्या बदला है और किसे राहत मिली है.

उपनगरीय ट्रेनें और MST पूरी तरह सुरक्षित

रेलवे ने शहरों के आसपास चलने वाली उपनगरीय ट्रेनों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया है. इसी तरह मासिक सीजन टिकट यानी MST वाले यात्रियों को भी पुराने रेट पर ही सफर करने की छूट मिली रहेगी. यह फैसला उन लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत है जो रोजाना काम पर जाते हैं और छोटी दूरी तय करते हैं. इससे उनकी जेब पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा.

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215 किमी तक साधारण किराया वही पुराना

अगर आप साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर तक की यात्रा कर रहे हैं तो चिंता की कोई बात नहीं. रेलवे ने इस दूरी तक के किराए को जस का तस रखा है. यह कदम ग्रामीण इलाकों के यात्रियों को ध्यान में रखकर उठाया गया है जहां लोग कम दूरी के लिए ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं. इससे सस्ता सफर जारी रहेगा और लोग बिना हिचकिचाहट के यात्रा कर सकेंगे.

लंबी दूरी पर साधारण श्रेणी में एक पैसा प्रति किमी अतिरिक्त

लेकिन अगर आपकी यात्रा 215 किलोमीटर से ज्यादा है तो साधारण श्रेणी में अब प्रति किलोमीटर एक पैसा ज्यादा देना होगा. यह बढ़ोतरी बहुत कम है मगर लंबी दूरी वाले यात्रियों को थोड़ा सोचना पड़ेगा. रेलवे का मानना है कि यह बदलाव जरूरी है ताकि सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके.

मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में दो पैसे प्रति किमी की बढ़ोतरी

मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्रियों के लिए खबर थोड़ी चुनौतीपूर्ण है. यहां स्लीपर नॉन एसी और एसी सभी क्लास में प्रति किलोमीटर दो पैसे की बढ़ोतरी लागू हो गई है. उदाहरण के तौर पर 500 किलोमीटर की यात्रा पर आपको करीब 10 रुपये extra चुकाने पड़ सकते हैं. रेलवे ने इसे सीमित रखा है ताकि यात्रियों पर न्यूनतम असर पड़े और ट्रेनें ज्यादा आरामदायक बन सकें.

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