SI भर्ती मामले में ED की चार्जशीट रिकॉर्ड पर लाने की मांग, राजस्थान हाई कोर्ट में अहम सुनवाई

याचिकाकर्ताओं ने प्रार्थना पत्र में कहा कि ग्रेड सेकंड टीचर भर्ती-2022 में पेश ईडी चार्जशीट में पेपरलीक और आरपीएससी सदस्यों की कार्यप्रणाली पर कई खुलासे हुए हैं. इसलिए खंडपीठ को भी मामले में ईडी की चार्जशीट को देखना चाहिए.

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SI Paper Leak Case: राजस्थान का चर्चित SI भर्ती 2021 पेपर लीक का मामला अब तक खत्म नहीं हुआ है. राजस्थान हाइकोर्ट में मंगलवार (6 जनवरी) को एसआई भर्ती-2021 मामले में अहम सुनवाई हुई. इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और अन्य आरोपियों के खिलाफ ईडी की चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लेने का निवेदन किया है. याचिकाकर्ताओं ने राजस्थान हाईकोर्ट में इसके लिए प्रार्थना पत्र दायर किया है.

आपको बता दें कि हाईकोर्ट एसआई भर्ती रद्द करने व आरपीएससी सदस्यों पर एकलपीठ द्वारा की गई टिप्पणियों के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रहा है. 

कोर्ट से अपील ईडी की चार्जशीट को देखना चाहिए

कोर्ट में सुनवाई के दौरान एकलपीठ के याचिकाकर्ताओं ने प्रार्थना पत्र में कहा कि ग्रेड सेकंड टीचर भर्ती-2022 में पेश ईडी चार्जशीट में पेपरलीक और आरपीएससी सदस्यों की कार्यप्रणाली पर कई खुलासे हुए हैं. इसलिए खंडपीठ को भी मामले में ईडी की चार्जशीट को देखना चाहिए.

अधिवक्ता हरेंद्र नील ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाबूलाल कटारा ने ईडी पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह 1.20 करोड़ की डील से आरपीएससी सदस्य बना. इसके लिए उसने कांग्रेस के तत्कालीन जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया को 40 लाख रुपये भी दिए.

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RPSC सदस्य की संदिग्ध भूमिका

ईडी चार्जशीट में  यह भी खुलासा हुआ है कि आरपीएससी सदस्य सिफारिश पर इंटरव्यू में अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाते थे. एसआई भर्ती पेपरलीक में भी इनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई. इसलिए चार्जशीट रिकॉर्ड पर ली जाए.

वहीं, मंगलवार को हाईकोर्ट में सरकार, चयनित अभ्यर्थियों व पूर्व आरपीएससी सदस्यों की अपीलों पर सुनवाई अधूरी रही. एजी राजेंद्र प्रसाद ने बहस शुरू करते हुए कहा कि एकलपीठ में दायर याचिका मेंटेनेबल नहीं थी.

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एकलपीठ ने इसे दरकिनार कर मैरिट पर सुनवाई की और भर्ती रद्द कर दी. भर्ती में जांच एजेंसी सही-गलत की छंटनी कर सकती है, फिर भी पूरी भर्ती रद्द की गई. अब मामले में बुधवार (7 जनवरी) को आगे की सुनवाई होगी.

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