'प्रधान का इस्तीफा सिर्फ पहला कदम', छात्र आंदोलन पर बोले जयपुर में सुसाइड करने वाली अमायरा के पिता

दिल्ली में हुए प्रदर्शन में अपनी भागीदारी के बारे में बात करते हुए विजय मीणा ने कहा कि वह इसमें किसी राजनीतिक मकसद से नहीं, बल्कि अपनी बेटी अमायरा की मौत के बाद स्कूलों से जवाबदेही तय करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शामिल हुए थे.

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल जयपुर के स्कूल में सुसाइड करने वाली अमायरा के माता-पिता.
NDTV
जयपुर:

जयपुर के स्कूल में बुलिंग से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली अमायरा के पिता ने हालिया छात्र आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सालों से चली आ रही समस्याओं के खिलाफ सामूहिक और लोकतांत्रिक बताया है. अमायरा जयपुर के एक नामी स्कूल में पढ़ती थी. बुलिंग से परेशान होकर अमायरा ने स्कूल की बिल्डिंग से छलांग लगाकर जान दे दी थी. जिसका सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था. जिसके बाद स्कूल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे. 

दो दिन जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल हुए थे अमायरा के माता-पिता

विजय मीणा ने पत्नी के साथ 28 जून को अमायरा के जन्मदिन पर और फिर 18 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने में हिस्सा लिया. मीणा ने कहा, 'छात्रों के इस आंदोलन को मैं शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के विरुद्ध उठी एक सामूहिक और लोकतांत्रिक आवाज के रूप में देखता हूं.''

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प्रधान का इस्तीफा जनदबाव का बड़ी जीतः विजय मीणा

उन्होंने कहा कि लगातार होने वाले प्रश्न पत्र लीक, परीक्षाओं में अनियमितताओं और जवाबदेही की कमी के कारण लाखों छात्रों का समय, मेहनत और भविष्य प्रभावित होता है. उन्होंने कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को मैं छात्रों, अभिभावकों और देशभर से उनका साथ देने वाले नागरिकों के सामूहिक संघर्ष तथा जनदबाव की एक बड़ी जीत मानता हूं. यह किसी एक व्यक्ति या संगठन की जीत नहीं है.''

अमायरा के पिता बोले- प्रधान का इस्तीफा सिर्फ पहला कदम

प्रधान के इस्तीफे को 'सिर्फ पहला कदम' बताते हुए मीणा ने कहा कि सार्थक सुधार के लिए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना जरूरी होगा. उन्होंने कहा, 'इस्तीफा अपने आप में किसी दोष की पुष्टि नहीं है और न ही इससे शिक्षा व्यवस्था की सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं. अब आवश्यक है कि पेपर लीक रोकने, परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए ठोस सुधार किए जाएं. अभी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इसका पहला कदम है.''

सरकार द्वारा जिम्मेदारी स्वीकारने का संकेत

अमायरा के पिता विजय मीणा ने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को शिक्षा व्यवस्था की दीर्घकालिक समस्याओं के खिलाफ 'सामूहिक और लोकतांत्रिक आवाज' बताया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार द्वारा जिम्मेदारी स्वीकार करने का संकेत है.

अमायरा का जिक्र कर क्या बोले पिता विजय

मीणा ने बताया कि उनकी बेटी ने अपनी कक्षा अध्यापिका से मदद मांगनी चाही लेकिन कोई उनसे कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची ने सहपाठियों द्वारा तंग किए जाने और स्कूल प्रशासन द्वारा ध्यान न देने के कारण मानसिक दबाव में आकर उसने यह कठोर कदम उठाया.

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जंतर-मंतर प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए, खुद बताया

दिल्ली में 28 जून को हुए प्रदर्शन में अपनी भागीदारी के बारे में बात करते हुए मीणा ने कहा कि वह इसमें किसी राजनीतिक मकसद से नहीं, बल्कि अपनी बेटी की मौत के बाद स्कूलों से जवाबदेही तय करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शामिल हुए थे.

उन्होंने कहा, 'मैंने अमायरा का मुद्दा वहां इसलिए उठाया क्योंकि यह केवल मेरे परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि हर उस बच्चे की सुरक्षा और हर उस माता-पिता के विश्वास का प्रश्न है जो अपने बच्चे को भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं.''

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'बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल पर माता-पिता का भरोसा, यह टूटना नहीं चाहिए'

मीणा ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों की शारीरिक और भावनात्मक सुरक्षा के लिए स्कूलों पर भरोसा करते हैं और यह जिम्मेदारी केवल कक्षा अध्यापक या अध्यापिका तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए. पिछले साल राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक सरकारी स्कूल में छत गिरने से सात बच्चों की मौत की घटना का जिक्र करते हुए मीणा ने कहा कि ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की गहरी कमियों को दिखाती हैं.

उन्होंने कहा, 'सरकार को संस्थागत कमियों को दूर करना चाहिए, स्कूलों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो लोग बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, उन्हें बख्शा न जाए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, तभी शिक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा फिर से कायम हो पाएगा.'

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