Dholpur Farmer News: राजस्थान में धौलपुर में पिछले 15 दिनों से जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण चल रही शीतलहर और पाले ने आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. इससे खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गई हैं. लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण किसानों को रबी की फसलें सरसों, मटर और आलू (नकदी फसल) को नुकसान होने का अंदेशा है. जिसके कारण आने वाले समय में आम लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है.
पाला लगने से हो रही है फसल तबाह
किसानों ने बताया कि आने वाला समय रबी की फसल की कटाई का है. खेतों में सरसों, गेहूं, चना, मटर और कैश क्रॉप आलू के साथ-साथ दूसरी सब्जियों की फसलें खड़ी हैं. शीतलहर और पाले से सरसों और कैश क्रॉप आलू को सबसे ज़्यादा नुकसान हो रहा है. सरसों में फंगस और तना सड़न की बीमारी लग गई है. इसी तरह आलू की फसल पर ब्लाइट और स्मॉलपॉक्स की बीमारी लग रही है. जिससे खेतों में पकी फसल के खराब होने की संभावना ज़्यादा है.
उत्पादन में आ सकती है गिरावट
किसानों ने आगे बताया कि बदलता मौसम खेती का गणित बिगाड़ रहा है. किसान आने वाले समय में उत्पादन में गिरावट की संभावना जता रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगर फसलों का उत्पादन कम हुआ तो उन्हें निश्चित रूप से महंगाई का सामना करना पड़ेगा.
खाद यूरिया पर कालाबाजारी
इसके अलावा किसानों ने यूरिया की कालाबाजरी को लेकर भी अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कहा कि खाद बीज विक्रेता यूरिया पर जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं. ₹300 का यूरिया का एक बैग 400 से ₹450 तक मिल रहा है. इसके अलावा कीटनाशक दावाओं पर भी मार्केट में महंगाई है. फसल सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में बिजली सप्लाई भी नहीं मिल रही है .किसान इस समय बेहद परेशानी के दौर से गुजर रहे है.
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