Rajasthan: डीडवाना-कुचामन में 45 दिन का 'वॉटर इमरजेंसी, 20 मार्च से 3 मई तक 785 गांवों में गहराएगा जल संकट

Rajasthan News: डीडवाना–कुचामन जिले में आगामी 20 मार्च से अगले डेढ़ महीने तक नहरबंदी होगी, जिससे पूरे जिले के 8 शहरों और 785 गांवों पानी की सप्लाई प्रभावित होगी.

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डीडवाना में 45 दिन की नहरबंदी
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Naharbandi in Nagaur: राजस्थान में गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट गहराने लगता है. जिससे कारण प्रशासन से कुछ इलाकों में नहरबंदी करने का फैसला किया है. इसी कड़ी में डीडवाना–कुचामन जिले में आगामी 20 मार्च से अगले डेढ़ महीने तक नहरबंदी होगी, जिससे पूरे जिले में पानी की सप्लाई प्रभावित होगी. वहीं इसे लेकर जलदाय विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और नहरबंदी को देखते हुए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.

20 मार्च से 3 मई तक होगी नहरबंदी

बता दें कि डीडवाना जिले को मीठा पानी सप्लाई करने वाली इंदिरा गांधी मुख्य नहर में साफ-सफाई और मरम्मत कार्य के चलते 20 मार्च से 3 मई तक पानी की आपूर्ति बंद रहेगी, जिसका सीधा असर जिले की पेयजल व्यवस्था पर पड़ेगा.जिले में की जा रही नहरबंदी को लेकर नहरी परियोजना के अधिशासी अभियंता अजीत सिंह ने बताया कि पंजाब स्थित फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्य के कारण नहरबंदी की घोषणा की गई है. इस अवधि में जिले की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहेगी.

 नहरबंदी क्या होती है

जिस तरह सड़कों की मरम्मत के लिए ट्रैफिक रोका जाता है या घरों में बिजली के तारों को ठीक करने के लिए पावर कट (शटडाउन) किया जाता है, ठीक वैसे ही नहरों के रखरखाव के लिए नहरबंदी की जाती है. जिससे नहर के तल में जमा मिट्टी और गाद निकल जाए.नहर के किनारों या पक्की लाइनिंग में आई दरारों को ठीक  किया जा सके. पुराने पुलों, गेटों और फीडर पाइपों को बदलने या मजबूत किया जा सके. इन सब के पूरा होने के बाद यह सुनिश्चित किया जाता है क्या नहर अपनी पूरी क्षमता से पानी आगे तक ले जा सकती है कि नहीं. 

Naharbandi
Photo Credit: NDTV

8 शहरों और 785 गांवों में हो सकता है जल संकट

अधिशासी अभियंता अजीत सिंह ने आगे बताया कि डीडवाना जिले जिले के 8 शहरों और 785 गांवों में जलापूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और स्थानीय स्रोतों को सक्रिय करने का काम तेज कर दिया गया है. इसे लेकर विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती नहरबंदी के दौरान नियमित और संतुलित जल वितरण सुनिश्चित करना होगी.

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30 दिन की आपूर्ति के लिए भंड़ारण हुआ है अबतक पानी

वहीं नहरी परियोजना के अधीक्षण अभियंता पी.एस. तंवर के अनुसार  फिलहाल विभाग का मुख्य फोकस नोखा दैया डेम में अधिकतम जल भंडारण पर है. वर्तमान में यहां 10 हजार मिलियन लीटर से अधिक पानी संग्रहित किया जा चुका है, जबकि डेम की कुल क्षमता 10,110 एमएलडी है. यह डेम नहरबंदी के दौरान जिले के लिए प्रमुख सहारा बनेगा. हालांकि मौजूदा भंडारण लगभग 30 दिन की आपूर्ति के लिए पर्याप्त है, जबकि नहरबंदी 45 दिन घोषित है और आवश्यकता पड़ने पर 60 दिन तक बढ़ सकती है. ऐसे में जल प्रबंधन विभाग के सामने संसाधनों का संतुलित उपयोग बड़ी परीक्षा साबित होगा.

स्थानीय जल स्रोतों को पूरी तरह किया जा रहा है सक्रिय

सहायक अभियंता राजपाल सिंह ने बताया कि नहरी पानी के साथ-साथ स्थानीय जल स्रोतों को भी पूरी तरह सक्रिय किया जा रहा है.  जिले के सभी नलकूपों और हैंडपंपों को चिन्हित कर उनकी जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके. इसके अलावा आवश्यकता अनुसार पानी के टैंकरों के जरिए भी जलापूर्ति की जाएगी. ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्थाएं सुचारु रखने के लिए जोन वार विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो हैंडपंपों की मरम्मत और नलकूप संचालन की निगरानी करेंगी.

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