राजस्थान: मुआवजा नहीं दिया तो कोर्ट ने डीडवाना कलेक्टर की कार और पालिका के ऑफिस की कुर्की का दिया आदेश

Rajasthan News: डीडवाना जिले के नावां में मृतक मजदूर के परिवार को मुआवजा देने के मामले में सीनियर सिविल जज धर्मेंद्र जाखड़ ने डीडवाना कलेक्टर और नगर निगम को फटकार लगाई है.

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NDTV

Didwana News: राजस्थान के डीडवाना जिले के नावां शहर के सीनियर सिविल जज धर्मेंद्र जाखड़ ने मृतक मजदूर के परिवार वालों को मुआवजा देने के मामले में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने महिला मजदूर की मौत के मामले में मुआवजा राशि न देने पर डीडवाना कलेक्टर और नगर पालिका को फटकार लगाई है. 

नगर पालिका के अधिकारी ने मांगा था 24 घंटे का समय

 फटकार लगाने के बाद कोर्ट ने लापरवाही का हर्जाना देने के लिए डीएम की गाड़ी और नगर पालिका का सामान जब्त करने का आदेश दिया.जिसके बाद नगर पालिका के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने कोर्ट से एक दिन का समय मांगा. इसपर कोर्ट न  एक दिन का समय देते हुए जब्ती को 24 घंटे के लिए टाल दिया था. जिसके बाद आज (गुरूवार)को अब इस मामले की सुनवाई होगी. 

क्या है मामला

बता दें कि 18 नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत मोक्ष धाम कॉम्प्लेक्स में काम करते समय बालकनी से गिरने पर एक मजदूर शांति देवी की मौत हो गई थी. जिसपर पीड़ित पक्ष के शिकायतकर्ता पूरनमल ने नगर निगम के खिलाफ क्लेम किया था. इस पर कुचामन के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज सुंदरलाल खारोल ने नगर निगम को 11 लाख 36 हजार रुपये ब्याज सहित देने का आदेश दिया था. लेकिन नगर निगम ने इस आदेश का पालन नहीं किया.

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सहायता राशि न देने पर पीड़ित पक्ष ने दायर की थी याचिका

लंबे समय तक पेमेंट न होने पर वादी ने फिर से नावां के सीनियर सिविल जज धर्मेंद्र जाखड़ की कोर्ट में कुर्की के लिए याचिका दायर की. उसी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर की गाड़ी और म्युनिसिपल एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के ऑफिस का सामान कुर्क करने का आदेश दिया, साथ ही मृतक के परिवार को 12 लाख रुपये का पेमेंट पक्का करने का भी आदेश दिया.

आज यानी 11 दिसंबर को होगी सुनवाई

कोर्ट का आदेश जारी होते ही कोर्ट नाजिर महेंद्र स्वामी, प्रोसेस सर्वर पृथ्वी सिंह, वादी के वकील मुकेश घसवान और शिकायतकर्ता पूरणमल नगर निगम ऑफिस पहुंच गए. इससे नगर निगम में हड़कंप मच गया. इसके बाद एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने कोर्ट से एक दिन का समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने एक दिन के लिए कुर्की टालते हुए एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को 11 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया. अब रिकवरी की पूरी प्रक्रिया कोर्ट की सीधी निगरानी में आगे बढ़ेगी.

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