Rajasthan Election 2023: दीया कुमारी ने छेड़ा गहलोत-पायलट की लड़ाई का किस्सा, ERCP मुद्दे पर कांग्रेस को भी दिया जवाब

दीया कुमारी वर्तमान में राजसमंद से लोकसभा सांसद हैं. जयपुर की विद्याधर से भूतपूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी का टिकट कर उन्हें प्रत्याशी बनाया है.

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दीया कुमारी ( फाइल फोटो )
JAIPUR:

पूर्व राज परिवार की सदस्य और विद्याधर नगर से भाजपा उम्मीदवार दीया कुमारी ने राजस्थान में कांग्रेस के चुनावी नारे 'काम किया दिल से, कांग्रेस फिर से' को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि सरकार चुनाव से कुछ महीने पहले घोषणाएं करके 'लोगों को मूर्ख' नहीं बना सकती.

दीया कुमारी ने सत्ता के लिए अशोक गहलोत-सचिन पायलट के बीच खींचतान का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा, 'पता नहीं, वे क्या बात कर रहे हैं और क्या सपना देख रहे हैं. राजस्थान के लोग पिछले पांच साल में पूरी तरह से तंग आ चुके हैं. उनकी आंतरिक लड़ाई के कारण राजस्थान में कोई काम नहीं हुआ. पिछले छह महीनों में कांग्रेस ने राजस्थान के लोगों को लुभाने की बहुत कोशिश की.

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'मेरा कोई विरोध नहीं'

राजसमंद से भाजपा सांसद ने कहा कि विद्याधर नगर सीट पर नरपत सिंह राजवी के बजाय उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने के विरोध को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि 'ऐसी चीजें होती रहती हैं. यह हर चुनाव में होता है. पार्टी एक परिवार की तरह काम करती है और जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा.'

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भाजपा ने भैरों सिंह शेखावत के दामाद और पांच बार के विधायक नरपत सिंह राजवी को उनकी वर्तमान विद्याधर नगर सीट से टिकट नहीं दिया है. पार्टी ने उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची में राजवी को चित्तौड़गढ़ सीट से उतारा है.

राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार पिछले कुछ महीने के दौरान शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा कर रही है. पार्टी का चुनावी नारा 'काम किया दिल से, कांग्रेस फिर से' भी इसी पर केंद्रित है.

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घोषणाएं बहुत, धरातल पर कुछ नहीं 

भाजपा नेता ने आरोप लगाया, 'मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार ने चुनाव से पहले कई घोषणाएं और वादे करके अति कर दी, लेकिन कुछ भी धरातल पर नहीं दिख रहा है और जनता को इसका लाभ नहीं मिला है.' उन्होंने कहा, 'आप (गहलोत सरकार) अंतिम तीन-चार महीनों में घोषणाएं करके लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते. जनता बहुत समझदार हैं और सोच समझकर वोट देती है. उनके (कांग्रेस के) पास समय था लेकिन उन्होंने इसका उपयोग नहीं किया. अब, ऐसी बातें करना सही नहीं है. इससे कुछ नहीं होगा.'

भाजपा द्वारा विद्याधर नगर से दीया कुमारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने राजवी का टिकट काटने का विरोध किया. बाद में पार्टी ने राजवी को चित्तौड़गढ़ विधानसभा सीट से मैदान में उतारने का फैसला किया. इस बारे में पूछे जाने पर दीया कुमारी ने कहा कि चुनाव के दौरान कई मुद्दे सामने आते हैं लेकिन उन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय सामूहिक ध्यान राज्य में भाजपा सरकार बनाने पर होना चाहिए.

महिलाओं पर अत्याचार, पेपर लीक बड़ा मुद्दा 

25 नवंबर को होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव में महिलाओं पर अत्याचार, कानून व्यवस्था की विफलता, पेपर लीक, बेरोजगारी और महंगे पेट्रोल डीजल आदि कुछ प्रमुख मुद्दे हैं, जिनको वह आने वाले दिनों में अपनी आम सभाओं में प्रमुखता से उठाएंगी.

दीया कुमारी ने आरोप लगाया 'उन्होंने (कांग्रेस सरकार ने) बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था. अब तक उन्होंने किसी को कुछ नहीं दिया. उन्होंने आम लोगों के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने बड़े-बड़े दावे किए लेकिन हकीकत में किसी को इसका लाभ नहीं मिला.'

ERCP पर राज्य सरकार अपनी कमियां स्वीकार करें 

पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को कांग्रेस ने चुनावी मुद्दा बनाया है. ERCP पर दीया कुमारी ने दावा किया कि केंद्र को दोष देना बहुत आसान है. लेकिन राज्य सरकार को अपनी कमियां स्वीकार करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) राज्य की पिछली भाजपा सरकार ने तैयार की थी, इससे परियोजना पर उनकी पार्टी की सोच का पता चलता है.

उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान और मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने अंतर-राज्य सरकारी समझौतों पर कोई प्रयास नहीं किया. उन्होंने कहा कि ERCP महत्वाकांक्षी परियोजना है जिससे लगभग दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में पीने के पानी की समस्या दूर होगी.

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