राजस्थान में प्राइवेट बस हड़ताल के बीच शुरू हुआ ई-बसों का ट्रायल, मिली है 675 बसों की स्वीकृति

राज्य सरकार ने PM e-Bus Sewa के अंतर्गत प्रदेश के 08 प्रमुख शहरों- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर एवं अजमेर में कुल 675 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को स्वीकृति प्रदान की गई है.

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राजस्थान ई-बस सेवा

Rajasthan Bus: राजस्थान में प्राइवेट बस ड्राइवरों का हड़ताल जारी है. पूरे प्रदेश में प्राइवेट बसों के थमने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसमें सबसे ज्यादा रोजाना चलने वाले यात्री और बाहर से आने वाले सैलानी प्रभावित हो रहे हैं. जबकि ड्राइवरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. वहीं इस बीच राज्य सरकार ने PM e-Bus Sewa के अंतर्गत प्रदेश के 08 प्रमुख शहरों- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर एवं अजमेर में कुल 675 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को स्वीकृति प्रदान की गई है.

किस जिले को मिले कितने इलेक्ट्रिक बस

शहरवार आवंटन के अनुसार जयपुर को 150, जोधपुर को 100, अजमेर को 100, कोटा को 100, बीकानेर को 75, अलवर को 50, भीलवाड़ा को 50 तथा उदयपुर को 50 ई-बसें प्राप्त होंगी. इन बसों के संचालन से राज्य में प्रदूषण नियंत्रण, ईंधन बचत एवं शहरी यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी.

जयपुर में प्रथम चरण में प्राप्त होने वाली 150 ई-बसों के नियमित संचालन से पूर्व गुरुवार को 9 मीटर एवं 12 मीटर श्रेणी की बसों का ट्रायल प्रारंभ किया गया है, जो 28 फरवरी 2026 तक जारी रहेगा.

आधुनिक सुविधाओं से बेहतर बनेगा सफर 

9 मीटर ई-बस की बैठने की क्षमता 25 यात्रियों, एक व्हीलचेयर एवं चालक सहित है, जबकि 12 मीटर ई-बस में 31 यात्रियों, एक व्हीलचेयर एवं चालक के बैठने की व्यवस्था है. ये बसें दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं से सुसज्जित हैं , जिससे समावेशी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. इसी के साथ ही इन बसों में पैनिक बटन, पैसेन्जर डिस्पले बोर्ड, स्पीकर, ड्राईवर डिस्पले बोर्ड, सीसीटीवी कैमरा, ऑटोमैटिक पेसेन्जर काउन्ट कैमरा आदि सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं .

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उल्लेखनीय है की इस संबंध में जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड(JCTSL) द्वारा चयनित फर्म के साथ 07 जुलाई 2025 को अनुबंध निष्पादित किया जा चुका है. अप्रैल 2026 से जयपुर में इन ई-बसों का नियमित संचालन प्रस्तावित है. संचालन हेतु आवश्यक चार्जिंग अवसंरचना का निर्माण सफल संवेदक द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा.

ई-बसों के ट्रायल का तकनीकी परीक्षण JCTSL एवं CRIT की विशेषज्ञ टीमों द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा, गुणवत्ता एवं परिचालन दक्षता के सभी मानकों की पुष्टि सुनिश्चित की जा सके.

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राज्य सरकार नागरिकों को सुरक्षित, किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से राजस्थान के शहरों में हरित परिवहन की नई दिशा स्थापित होगी तथा शहरी जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा.

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