16 अक्टूबर से ERCP के मुद्दे पर कांग्रेस की यात्रा, बारां से मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे शंखनाद

इस बार के विधानसभा चुनाव में ERCP एक अहम मुद्दा बनने जा रहा है. कांग्रेस की मांग है कि केंद्र सरकार ERCP को राष्ट्रीय योजना का दर्जा दे.

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ERCP विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है

Rajasthan Election 2023 : विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनैतिक दल चुनावी मोड में आ गए हैं. कांग्रेस पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को इस चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है. गुरुवार को कांग्रेस ने ERCP को लेकर बड़ी घोषणा की है. पार्टी ERCP को लेकर 16 अक्टूबर से पूर्वी राजस्थान में यात्रा की शुरुआत करने जा रही है. यात्रा बारां ज़िले से शुरू होगी, जिसकी शुरुआत मल्लिकार्जुन खरगे बारां के कॉलेज ग्राउंड से करेंगे .

बारां में यात्रा की तैयारियों के के लिए एक कमिटी भी बनाई गई हैं. जिसमें मंत्री प्रमोद जैन भाया और बामनवास से कांग्रेस की विधायक इंदिरा मीणा को शामिल किया गया है.  यात्रा के दौरान दौसा के सिकराय में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगी.

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कांग्रेस और भाजपा में जारी है राजनीति

पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है. इस परियोजना के पूरा होने से राजस्थान के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की समस्या हल हो जाएगी. यह परियोजना राजस्थान की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी. हालांकि, इस परियोजना को लेकर दोनों दलों में राजनीति जारी है. कांग्रेस इस परियोजना को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा इस परियोजना को लेकर गंभीर होने का दावा कर रही.

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ERCP से 40% से अधिक आबादी को लाभ 

राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है. यह देश के क्षेत्रफल के 10% हिस्से में फैला हुआ है, लेकिन यहां भूजल सिर्फ 1.72% है. कैनाल परियोजना से राजस्थान की 40% से अधिक जनसंख्या को लाभ मिलेगा. 40,000 करोड़ की इस परियोजना की घोषणा 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की थी. बीते कुछ समय से इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने कि मांग की जा रही है. ऐसा होने से 90% राशि केंद्र और 10% राशि राज्य को खर्च करनी होगी.

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