Rajasthan News: पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के तहत पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदियों को इंटरलिंक कर बनाया गया पहला बांध तैयार हो गया है. अगले महीने से नौनेरा बांध (Nonera Dam) की टेस्टिंग का काम शुरू हो जाएगा. जल संसाधन विभाग पूरे जोर-शोर से इसकी तैयारियों में लगा हुआ है, क्योंकि इस परियोजना के पूरा होने से प्रदेश के 21 जिलों को पीने का पर्याप्त पानी मिल सकेगा. इस खबर से जहां जनता खुश है, वहीं राजस्थान के सियासी गलियारों में 'क्रेडिट' लेने की होड़ मच गई है.
'हमारी सरकार ने काम शुरू कराया'
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने एक्स पर एक ट्वीट करते हुए लिखा, 'हमारी सरकार ने ईआरसीपी का काम शुरू किया था, जिसके तहत नौनेरा और ईसरदा बांध बनने शुरू हो गए थे. कोविड के कारण करीब 2 साल काम बंद रहा. पर अब, नौनेरा बांध का काम पूरा हो चुका है. इसके बाद भी आगे का काम चलता रहे, उसके लिए हमारी सरकार ने 13,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था. प्रधानमंत्री ने दो बार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का वादा किया था, जो उन्होंने पूरा नहीं किया.'
'BJP ने फेस सेविंग का प्रयास किया'
गहलोत ने आगे लिखा, 'नई सरकार ईआरसीपी के नाम पर थोथी वाहवाही लेने का काम कर रही है. जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच हुए एमओयू को जनता के बीच नहीं रखा गया है, और ना ही पानी की मात्रा का कोई जिक्र है. ERCP को केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलवाकर पुराने DPR के मुताबिक सिंचाई के पानी सहित ईआरसीपी बनाने से हमारे हित सुरक्षित रहते. राजस्थान सरकार जल्दी से जल्दी MP सरकार के साथ हुआ MoU सार्वजनिक करे, जिससे राजस्थान की जनता को पता चले कि उनके हित सुरक्षित रहे हैं या नहीं? ऐसा लगता है कि इस MoU से बस राज्य सरकार और केन्द्र सरकार ने चुनाव से पहले फेस सेविंग का एक प्रयास किया है.'
'5 साल में पूरा हो जाएगा ERCP का काम'
इससे पहले महाराजा सूरजमल की जयंती के अवसर पर अपने भाषण के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा था कि, 'ईआरसीपी परियोजना को हर हाल में पांच साल में पूरा किया जाएगा. केंद्र एवं राज्य सरकार की डबल इंजन सरकार ने मात्र सवा माह में इस परियोजना में आ रही बाधाओं को दूर कर इसे मूर्त रूप देने का मार्ग प्रशस्त किया है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने इस परियोजना को लटका कर रखा था. हमारी सरकार ने किसानों के हित में तत्परता से कार्य करते हुए संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना (एकीकृत ईआरसीपी) को मूर्त रूप देने का मार्ग प्रशस्त किया है. इस परियोजना से पूर्वी राजस्थान को भरपूर पानी उपलब्ध हो सकेगा.'
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